संयम और सतर्कता जरूरी

नवभारत टाइम्स

अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के बयानों से भारत को असहज स्थिति का सामना करना पड़ सकता है। भविष्य में उनके असंयमित बोल भारत के हित को नुकसान पहुंचा सकते हैं। ऐसे में भारतीय सरकार के लिए संयम और सतर्कता बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। यह स्थिति भारत के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।

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यह पत्र 4 फरवरी के संपादकीय ‘देर पर दुरुस्त’ पर प्रतिक्रिया देता है। इसमें कहा गया है कि अमेरिका ने भले ही टैरिफ 18% तक कम कर दिया हो, लेकिन भविष्य अनिश्चित है। अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के अप्रत्याशित बयान भारत के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकते हैं। इसलिए, भारत को संयम और सतर्कता बरतने की जरूरत है। सी.पी. शर्मा, रानी बाग ने यह पत्र लिखा है।

पत्र के अनुसार, अमेरिका ने टैरिफ को 18% तक घटा दिया है। यह एक अच्छी खबर है, लेकिन यह पूरी तरह से राहत देने वाली नहीं है। ऐसा इसलिए है क्योंकि भविष्य में क्या होगा, यह कोई नहीं जानता। अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप अपने बयानों और हरकतों के लिए जाने जाते हैं। वे कभी भी ऐसे बयान दे सकते हैं जो भारत के हितों को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
ट्रंप की बयानबाजी कभी भी ऐसा माहौल बना सकती है जिससे भारत सरकार को असहज स्थिति का सामना करना पड़े। इसलिए, भारत को इस मामले में बहुत सावधान रहने की जरूरत है। संयम और सतर्कता ही भारत के लिए सबसे अच्छा रास्ता है। सी.पी. शर्मा, रानी बाग ने इस बात पर जोर दिया है।

पत्र में यह भी कहा गया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप अपने विवादित बयानों और हरकतों से बाज आने वाले नहीं हैं। वे अक्सर ऐसे बयान देते रहते हैं, जो भारत के हित को नुकसान पहुंचा सकता है। ऐसे में संयम और सतर्कता जरूरी है। यह बात सी.पी. शर्मा ने अपने पत्र में लिखी है।