Mentally Challenged Teenagers Last Rites Not Performed For Three Days Questions Raised On Officials Negligence
तीन दिन तक नहीं हुआ अंतिम संस्कार
नवभारत टाइम्स•
लखनऊ के निर्वाण रिहैब सेंटर में रहने वाले 14 वर्षीय लकी की मौत के बाद तीन दिन तक अंतिम संस्कार नहीं हो सका। 5 फरवरी को ट्रॉमा सेंटर में भर्ती लकी की 6 फरवरी को मृत्यु हो गई थी। शव पोस्टमॉर्टम हाउस में पड़ा रहा। 8 फरवरी को सेंटर के कर्मचारियों ने अंतिम संस्कार करवाया।
लखनऊ: लापरवाही के चलते एक मानसिक रूप से अक्षम किशोर का तीन दिन तक अंतिम संस्कार नहीं हो सका। मोहान रोड स्थित निर्वाण रिहैब सेंटर में रहने वाले 14 वर्षीय लकी को 5 फरवरी को ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया था। 6 फरवरी को उसकी मौत हो गई थी, जिसकी सूचना सेंटर के अधिकारियों को दे दी गई थी। बच्चे की मौत के बाद शव को पोस्टमॉर्टम हाउस भेजा गया था। शव के साथ कोई मौजूद न होने के कारण वह मॉर्च्युरी में ही पड़ा रहा। आखिरकार 8 फरवरी को सेंटर के कर्मचारियों ने उसका अंतिम संस्कार करवाया। डीपीओ सुधाकर शरण ने कहा कि पोस्टमॉर्टम में देरी हुई। अगर किसी की लापरवाही सामने आती है तो उस पर कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना जिम्मेदारों की बड़ी लापरवाही को उजागर करती है। एक मानसिक रूप से मंदित किशोर, जिसका नाम लकी था, की मौत के बाद उसका अंतिम संस्कार तीन दिनों तक नहीं हो पाया। लकी निर्वाण रिहैब सेंटर में रहता था। उसे 5 फरवरी को ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया था। अगले दिन, यानी 6 फरवरी को उसकी मृत्यु हो गई। सेंटर के अधिकारियों को इस बारे में तुरंत बता दिया गया था।लकी की मौत के बाद, उसके शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया। लेकिन, दुर्भाग्यवश, शव के साथ कोई भी मौजूद नहीं था। इस वजह से, शव पोस्टमॉर्टम हाउस की मॉर्च्युरी में तीन दिनों तक पड़ा रहा। आखिरकार, 8 फरवरी को रिहैब सेंटर के कर्मचारियों ने आगे आकर लकी का अंतिम संस्कार किया।
इस मामले पर डीपीओ सुधाकर शरण ने अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि पोस्टमॉर्टम में देरी हुई। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि यदि इस मामले में किसी की लापरवाही पाई जाती है, तो निश्चित रूप से कार्रवाई की जाएगी। यह घटना बताती है कि कैसे व्यवस्था की खामियों के कारण एक बेसहारा बच्चे के साथ ऐसा बर्ताव हुआ।