Cbses Decree Schools Must Update Teacher Data By February 15 Or Face Action
स्कूलों को 15 तक अपडेट करना होगा शिक्षकों का डेटा
नवभारत टाइम्स•
सीबीएसई ने सभी स्कूलों को एक महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया है। स्कूलों को अपनी वेबसाइट पर शिक्षकों से जुड़ी जानकारी 15 फरवरी तक अपडेट करनी होगी। इसमें शिक्षकों की योग्यता, प्रशिक्षण और छात्र-शिक्षक अनुपात जैसी जानकारी शामिल है। छात्र-शिक्षक अनुपात 30:1 से अधिक नहीं होना चाहिए। निर्देशों का पालन न करने वाले स्कूलों पर कार्रवाई की जाएगी।
सीबीएसई ने अपने स्कूलों को एक बार फिर याद दिलाया है कि वे अपनी वेबसाइट पर शिक्षकों से जुड़ी सारी जानकारी समय पर डालें। जो स्कूल ऐसा नहीं करेंगे, उन पर बोर्ड सख्त कार्रवाई करेगा। स्कूलों को शिक्षकों की योग्यता, ट्रेनिंग, छात्र-शिक्षक अनुपात , पढ़ाई में बच्चों की तरक्की, स्कूल की सुविधाएं और दूसरी जरूरी बातें अपनी वेबसाइट पर बतानी होंगी। यह सब 'मेंडेटरी पब्लिक डिस्क्लोजर' के तहत आता है। सीबीएसई ने यह भी साफ कर दिया है कि स्कूलों में हर 30 बच्चों पर एक टीचर होना चाहिए, इससे ज्यादा नहीं। अगर स्कूल इन नियमों का पालन नहीं करते, तो इसे एफिलिएशन (संबद्धता) के नियमों का उल्लंघन माना जाएगा।
कई स्कूल इस मामले में लापरवाही बरत रहे हैं और अपनी वेबसाइट को अपडेट नहीं कर रहे हैं। सीबीएसई ने ऐसे स्कूलों को चेतावनी दी है कि अगर उन्होंने इन निर्देशों को नहीं माना, तो उन पर जुर्माना लग सकता है या कोई और कार्रवाई हो सकती है। सभी स्कूलों को 15 फरवरी तक यह सारी जानकारी अपनी वेबसाइट पर अपलोड करनी होगी। यह कदम स्कूलों में पारदर्शिता लाने और अभिभावकों को सही जानकारी देने के लिए उठाया गया है। इससे वे अपने बच्चों के लिए बेहतर स्कूल चुन सकेंगे। छात्र-शिक्षक अनुपात का मतलब है कि क्लास में कितने बच्चों पर कितने टीचर हैं। यह बच्चों की पढ़ाई की क्वालिटी के लिए बहुत जरूरी है।