मणिपुर से ऑपरेट हो रहा था धर्मांतरण का नेटवर्क

नवभारत टाइम्स

ग्रेटर नोएडा में धर्मांतरण का एक बड़ा नेटवर्क सामने आया है। यह नेटवर्क मणिपुर से संचालित हो रहा था। कोचिंग सेंटर की आड़ में लोगों को सुख-समृद्धि और रोग मुक्ति का लालच देकर उनका माइंडवॉश किया जाता था। पुलिस ने इस मामले में कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं।

conversion network operated from manipur revealed mindwash with lure of prosperity allegations of forced vomiting on women
ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-36 में एक कोचिंग सेंटर की आड़ में चल रहे धर्मांतरण रैकेट का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं कि यह पूरा गोरखधंधा मणिपुर से संचालित हो रहा था। लोगों को सुख-समृद्धि, गरीबी दूर करने और लाइलाज बीमारियों से मुक्ति जैसे लुभावने वादे करके उनका माइंडवॉश किया जाता था। पुलिस ने मौके से धर्म विशेष के प्रचार से जुड़ी किताबें भी बरामद की हैं।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, सेक्टर-36 के एक मकान के बेसमेंट में बच्चों को ट्यूशन और कोचिंग के बहाने बुलाया जाता था। यह सब इसलिए किया जाता था ताकि किसी को शक न हो। लेकिन हर रविवार को एक गुप्त मिशन चलाया जाता था। इस दिन एक खास प्रार्थना सभा का आयोजन होता था। इसमें लोगों को अमीर बनाने, गरीबी मिटाने और असाध्य रोगों से छुटकारा दिलाने जैसे लालच देकर उनका ब्रेनवॉश किया जाता था।
इस रैकेट का सबसे हैरान करने वाला पहलू धर्मांतरण की प्रक्रिया है। चश्मदीदों और पुलिस की मानें तो लोगों, खासकर महिलाओं को भावनात्मक रूप से इतना फंसाया जाता था कि वे सम्मोहित हो जाती थीं। आरोप है कि कुछ खास रस्मों के दौरान महिलाओं को जबरन टब में उल्टी करवाई जाती थी। इसे 'पवित्र प्रक्रिया' का नाम दिया जाता था। कहा जाता था कि इससे शरीर की सारी गंदगी और पाप बाहर निकल जाते हैं। इसे धर्म बदलने के लिए एक जरूरी कदम बताया जाता था।

पुलिस ने मौके से छह बड़े कार्टन किताबें जब्त की हैं। इनमें से कुछ किताबें धर्म विशेष के प्रचार-प्रसार से जुड़ी हुई हैं। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की जानकारी जुटाने में लगी है। यह रैकेट कैसे काम कर रहा था और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे, इसका पता लगाने के लिए पुलिस हर पहलू की जांच कर रही है।

यह पूरा मामला लोगों की कमजोरियों का फायदा उठाकर उन्हें अपने जाल में फंसाने का एक घिनौना तरीका दिखाता है। सुख-समृद्धि और स्वास्थ्य के लालच में लोग किस हद तक बहकावे में आ सकते हैं, यह इस घटना से साफ होता है। पुलिस की सक्रियता से ऐसे रैकेट का पर्दाफाश होना सराहनीय है।