बनारसी साड़ियों ने बटोरीं सुर्खियां, पर्यटक कर रहे पसंद

नवभारत टाइम्स

फरीदाबाद के मेले में बनारसी साड़ियों की धूम मची है। रंग-बिरंगी और आकर्षक साड़ियां पर्यटकों को खूब भा रही हैं। अनवर अपने पिता की विरासत को आगे बढ़ाते हुए खुद इन साड़ियों को डिजाइन कर रहे हैं। पारंपरिक और आधुनिक डिजाइनों वाली ये साड़ियां संस्कृति की पहचान हैं। मेले में भीड़ कम होने से बिक्री प्रभावित हो रही है।

glow of banarasi sarees tourists first choice at faridabad fair anwars unique designs gaining attention
फरीदाबाद में लगे मेले में बनारसी साड़ियों की धूम मची हुई है। इन साड़ियों को अनवर नाम के एक युवा कारीगर लेकर आए हैं, जो अपने पिता की तरह ही इस पारंपरिक कला को नई पहचान दे रहे हैं। अनवर खुद इन साड़ियों को डिजाइन करते हैं और उन्हें यह हुनर विरासत में मिला है। उनका मानना है कि बनारसी साड़ी सिर्फ एक पहनावा नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति की पहचान है। उनके पिता को उनके काम के लिए नेशनल अवाॅर्ड भी मिल चुका है, जिससे प्रेरित होकर अनवर ने इस काम को और आगे बढ़ाया है। वह करीब तीन-चार साल से मेले में आ रहे हैं और अपनी अनोखी डिजाइनों के लिए जाने जाते हैं। मेले में पारंपरिक और आधुनिक डिजाइन वाली बनारसी साड़ियां मौजूद हैं, जिन्हें लोग खूब पसंद कर रहे हैं। हालांकि, मेले में भीड़ कम होने की वजह से बिक्री थोड़ी धीमी है।

इस बार फरीदाबाद के मेले में बनारसी साड़ियों का जलवा देखने लायक है। रंग-बिरंगी और बेहद खूबसूरत बनारसी साड़ियां लोगों को अपनी ओर खींच रही हैं। इन खास साड़ियों को अनवर नाम के एक युवा कारीगर मेले में लेकर आए हैं। अनवर के पिता भी कई सालों से इस मेले में आ रहे हैं और बनारसी कला से जुड़े हुए हैं। अनवर इस पारंपरिक कला को एक नई पहचान देने की कोशिश कर रहे हैं।
अनवर बताते हैं कि वह खुद बनारसी साड़ियों को डिजाइन करते हैं। यह कला उन्हें अपने पुरखों से मिली है। वह इस विरासत को बहुत मेहनत और लगन से सहेज कर रखे हुए हैं। अनवर का कहना है कि बनारसी साड़ी सिर्फ एक कपड़ा नहीं है, बल्कि यह हमारी संस्कृति और परंपरा का प्रतीक है। इसे आगे बढ़ाना उनकी जिम्मेदारी है।

अनवर के पिता को उनके शानदार काम के लिए नेशनल अवाॅर्ड से नवाजा जा चुका है। पिता की इस उपलब्धि से प्रेरणा लेकर अनवर ने भी इस काम को और आगे ले जाने का फैसला किया। आज वह अपनी खास और अनोखी डिजाइनों के लिए जाने जाते हैं। वह पिछले तीन से चार सालों से इस मेले में अपनी साड़ियां लेकर आ रहे हैं।

मेले में अनवर कई तरह की बनारसी साड़ियां लाए हैं। इनमें पुरानी, पारंपरिक डिजाइनों के साथ-साथ आजकल के मॉडर्न डिजाइन भी शामिल हैं। पर्यटक और खरीदार इन साड़ियों को लेकर काफी उत्साहित हैं। लोग इन खूबसूरत साड़ियों को खूब पसंद कर रहे हैं। हालांकि, मेले में भीड़ थोड़ी कम होने की वजह से बिक्री पर थोड़ा असर पड़ रहा है।