Noida Land Acquisition Rules Changed Farmers To Get Developed Land Instead Of Compensation
अधिग्रहण के बदले किसानों को मुआवजा नहीं, मिलेगी ज़मीन!
नवभारत टाइम्स•
नोएडा अथॉरिटी की बोर्ड बैठक में लैंड पूलिंग पॉलिसी लागू करने का प्रस्ताव है। इसके तहत किसानों को जमीन अधिग्रहण का मुआवजा नहीं मिलेगा। इसके बजाय, विकसित जमीन का हिस्सा उन्हें दिया जाएगा। यह नीति किसानों को बाजार दर पर जमीन बेचने का अवसर देगी।
नोएडा अथॉरिटी की बोर्ड बैठक फरवरी के आखिरी हफ्ते में होने वाली है। इस बैठक में लैंड पूलिंग पॉलिसी को लागू करने की मंजूरी का प्रस्ताव रखा जाएगा। इस नई पॉलिसी से किसानों को जमीन अधिग्रहण के बदले मुआवजा नहीं मिलेगा, बल्कि विकसित जमीन का हिस्सा मिलेगा। इससे जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव आएगा और किसानों को बाजार भाव पर अपनी जमीन बेचने का मौका मिलेगा। इसके अलावा, न्यू नोएडा में जमीन अधिग्रहण की दरें यमुना अथॉरिटी के बराबर रखने और नोएडा में जमीन आवंटन की दरें करीब 10% बढ़ाने के प्रस्तावों पर भी चर्चा होगी।
नोएडा अथॉरिटी फरवरी के अंतिम सप्ताह में अपनी बोर्ड बैठक आयोजित करने जा रही है। इस महत्वपूर्ण बैठक में कई अहम प्रस्तावों पर मुहर लगेगी, जिनमें सबसे खास है लैंड पूलिंग पॉलिसी को लागू करने की स्वीकृति। इस नई नीति के तहत, किसानों को उनकी जमीन के बदले सीधा मुआवजा नहीं दिया जाएगा। इसके बजाय, अथॉरिटी उनकी जमीन को विकसित करेगी। अगर किसी किसान के पास 100 बीघा जमीन है, तो अथॉरिटी उस पूरी जमीन को विकसित करने की जिम्मेदारी लेगी। विकसित जमीन का 75% हिस्सा अथॉरिटी अपने पास रखेगी, जबकि बाकी 25% हिस्सा किसान को मिलेगा। किसान इस 25% विकसित जमीन को आवासीय, व्यावसायिक या औद्योगिक श्रेणी में अपनी मर्जी से ऊंचे दामों पर बेच सकेगा। इस व्यवस्था से जमीन अधिग्रहण को लेकर होने वाले मुआवजे के विवाद खत्म हो जाएंगे और किसानों को अपनी जमीन का उचित बाजार मूल्य मिलेगा।बोर्ड बैठक में न्यू नोएडा के लिए जमीन अधिग्रहण की दरों को यमुना अथॉरिटी के बराबर रखने का प्रस्ताव भी रखा जाएगा। अथॉरिटी पहले ही इस प्रस्ताव को शासन को भेज चुकी है, लेकिन अभी तक कोई फैसला नहीं हुआ है। फिलहाल, यमुना अथॉरिटी (यीडा) सिटी में 4300 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से जमीन का अधिग्रहण किया जा रहा है। न्यू नोएडा में भी अथॉरिटी इसी दर पर किसानों से जमीन खरीदना चाहती है। न्यू नोएडा के 81 गांवों में से 20 गांव ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी के अधिसूचित क्षेत्र में आते हैं। इन गांवों के लिए अथॉरिटी को ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी के बराबर ही मुआवजे की दर रखनी होगी।
इसके साथ ही, नोएडा अथॉरिटी नोएडा में जमीन आवंटन की दरों में लगभग 10% की बढ़ोतरी का प्रस्ताव भी बोर्ड के सामने रखेगी। इस बढ़ोतरी के लिए, नोएडा के किसानों से जमीन खरीदने के लिए मुआवजे की दर 8 से 9 हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर के बीच रखी जा सकती है। इस प्रस्ताव पर बोर्ड में गहन विचार-विमर्श किया जाएगा। यह कदम शहर के विकास को गति देने और किसानों को उनकी जमीन का बेहतर मूल्य दिलाने के उद्देश्य से उठाया जा रहा है।