पेट के कीड़ों को खत्म करने के लिए खिलाई गई दवा

नवभारत टाइम्स

राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस पर लखनऊ में लगभग 500 बच्चों को पेट के कीड़ों की दवा एल्बेंडाजोल खिलाई गई। यह दवा एक से 19 वर्ष तक के बच्चों को दी गई। माल ब्लॉक को छोड़कर सभी जगह यह कार्यक्रम हुआ। जो बच्चे दवा नहीं ले पाए, उन्हें 13 फरवरी को मॉप-अप राउंड में दी जाएगी।

albendazole medicine administered to protect children from stomach worms special campaign on national deworming day
लखनऊ में राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस (एनडीडी) के मौके पर लगभग 500 बच्चों को पेट के कीड़ों से बचाने के लिए एल्बेंडाजोल दवा खिलाई गई। यह कार्यक्रम राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत मंगलवार को राजधानी के ग्रामीण और शहरी इलाकों में चलाया गया। एक से 19 साल तक के बच्चों को यह दवा दी गई, सिवाय माल ब्लॉक के। इस पहल का मकसद बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास में आने वाली बाधाओं को दूर करना है।

एमएलसी मुकेश शर्मा ने इस मौके पर कहा कि पेट के कीड़े बच्चों के विकास में बड़ी रुकावट बनते हैं। इनसे बच्चों में कमजोरी, खून की कमी (एनीमिया) और पढ़ाई में पिछड़ने जैसी समस्याएं पैदा होती हैं। सरकार का लक्ष्य है कि बच्चों को सेहतमंद और पौष्टिक बनाकर उन्हें एक मजबूत नागरिक के रूप में तैयार किया जाए।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. एनबी सिंह ने बताया कि जो बच्चे स्कूल जाते हैं, उन्हें स्कूलों में दवा दी जा रही है। वहीं, जो बच्चे स्कूल नहीं जाते, उन्हें आंगनबाड़ी केंद्रों पर यह दवा मिल रही है। जिन बच्चों को किसी कारणवश दवा नहीं मिल पाई, उन्हें 13 फरवरी को एक विशेष मॉप-अप राउंड में दवा दी जाएगी। पूरे जिले में करीब 18.22 लाख बच्चों को दवा खिलाने का लक्ष्य रखा गया है। यह दवा पेट के कीड़ों को खत्म करने में मदद करती है, जिससे बच्चों का स्वास्थ्य बेहतर होता है और वे पढ़ाई-लिखाई में भी अच्छा प्रदर्शन कर पाते हैं।