अजनबियों के साथ जाम छलकाना पड़ा भारी, बाइक ले हुए रफूचक्कर

नवभारत टाइम्स

एमजी रोड पर दो दोस्तों के साथ ठगी हुई। सहारा मॉल में पार्टी के बाद अजनबियों से दोस्ती महंगी पड़ी। युवकों ने मदद के बहाने बाइक ठीक कराने के लिए बुलाया। फिर होटल में शराब पीकर दोनों दोस्त सो गए। मौका देखकर अजनबी युवक बाइक लेकर फरार हो गए। पुलिस ने चोरी का मामला दर्ज किया है।

drinking with strangers proved costly friends fled with the bike
एमजी रोड पर दो दोस्तों के साथ हुई ठगी ने एक बार फिर यह सिखाया है कि अनजान लोगों पर भरोसा करना कितना भारी पड़ सकता है। सहारा मॉल में पार्टी करने आए दिल्ली के हरमनजीत सिंह और हर्ष भाटिया नाम के दो दोस्तों को दो अजनबी युवकों ने पहले तो मदद के बहाने बातों में फंसाया, फिर शराब पिलाकर नशे में धुत कर दिया। जब दोनों दोस्त गहरी नींद में सो गए, तो मौका देखकर वे अजनबी युवक उनकी काले रंग की बाइक लेकर फरार हो गए। पुलिस ने इस मामले में राजकुमार और कमलेश नाम के दो युवकों के खिलाफ चोरी का केस दर्ज किया है।

यह घटना 1 फरवरी की देर रात करीब 2:30 बजे की है। हरमनजीत सिंह और हर्ष भाटिया दिल्ली के तिलक नगर के रहने वाले हैं और वे सहारा मॉल में पार्टी करने आए थे। मॉल के बाहर उनकी मुलाकात दो अनजान युवकों से हुई। बातचीत के दौरान हरमनजीत ने बताया कि उनकी काले रंग की बाइक स्टार्ट होने में थोड़ी दिक्कत कर रही है। यह सुनकर उन दोनों अजनबी युवकों ने मदद करने की पेशकश की। उन्होंने कहा कि पास के ही चक्करपुर गांव में एक अच्छा मिस्त्री है और वे उन्हें वहां ले जा सकते हैं।
इसके बाद, चारों लोग मिस्त्री के पास पहुंचे। मिस्त्री से बाइक ठीक कराने के बाद, चारों ने मिलकर सेक्टर-28 स्थित एक होटल में कमरा लिया। वहां उन्होंने जमकर शराब पी। शराब के नशे और थकान के कारण हरमनजीत और हर्ष जल्द ही गहरी नींद में सो गए। इसी का फायदा उठाकर दोनों अजनबी युवक उनकी बाइक लेकर वहां से खिसक लिए।

सुबह करीब 6 बजे जब हरमनजीत की आंख खुली, तो उसने देखा कि कमरे में उसके साथ आए दोनों युवक गायब थे। उसने बाहर जाकर देखा तो पार्किंग से उनकी बाइक भी नदारद थी। कमरे में बाइक की चाबी भी नहीं थी, जिससे यह साफ हो गया कि 'नए दोस्तों' ने ही उनकी बाइक चुराई है। इस घटना से परेशान होकर पीड़ित हरमनजीत ने एमजी रोड चौकी में एफआईआर दर्ज कराई है। पुलिस अब घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है ताकि आरोपियों की पहचान की जा सके और उन्हें पकड़ा जा सके। यह घटना एक बार फिर यह बताती है कि अनजान लोगों पर आंख मूंदकर भरोसा करना कितना खतरनाक हो सकता है।