क्या कहते हैं आंकड़े?

नवभारत टाइम्स

जनवरी में इक्विटी म्यूचुअल फंड में निवेश पिछले महीने से 14% घटकर 24,028 करोड़ रुपये रहा। गोल्ड ईटीएफ में निवेश दोगुना से ज्यादा होकर 24,040 करोड़ रुपये हो गया। मिड-कैप और स्मॉल-कैप फंड में भी गिरावट देखी गई। हाइब्रिड फंड में 17,356 करोड़ रुपये का निवेश आया। ईएलएसएस से 594 करोड़ रुपये निकाले गए।

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जनवरी में म्यूचुअल फंड (MF) में निवेश का रुझान मिला-जुला रहा। इक्विटी MF में पिछले महीने के मुकाबले 14% की गिरावट आई, जो 24,028 करोड़ रुपये रहा। वहीं, गोल्ड ETF में निवेश दोगुना से ज्यादा बढ़कर 24,040 करोड़ रुपये हो गया। मिड-कैप और स्मॉल-कैप फंडों में भी गिरावट देखी गई।

गोल्ड ETF में निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। दिसंबर के 11,647 करोड़ रुपये की तुलना में जनवरी में यह आंकड़ा 24,040 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। यह साफ दिखाता है कि सोने में निवेश करने वालों की संख्या बढ़ी है।
दूसरी ओर, इक्विटी MF में थोड़ी नरमी आई। पिछले महीने के मुकाबले इसमें 14% की कमी आई और यह 24,028 करोड़ रुपये पर आ गया। मिड-कैप फंड में 3,185 करोड़ रुपये का निवेश हुआ, जो दिसंबर के 4,176 करोड़ रुपये से कम है। स्मॉल-कैप फंड में भी गिरावट आई, जहां 2,942 करोड़ रुपये का निवेश हुआ, जबकि दिसंबर में यह 3,824 करोड़ रुपये था।

फ्लेक्सी-कैप फंड में 7,672 करोड़ रुपये का निवेश आया। लार्ज एंड मिड-कैप फंड में 3,182 करोड़ रुपये और लार्ज-कैप फंड में 2,005 करोड़ रुपये का निवेश देखा गया। ELSS (टैक्स सेविंग फंड) से 594 करोड़ रुपये निकाले गए। हाइब्रिड फंड में 17,356 करोड़ रुपये का अच्छा खासा निवेश आया।