Student Prevented From Practical Exam Due To Non payment Of Fees Family Complains
फीस जमा नहीं करने पर प्रैक्टिकल एग्जाम देने से रोका
नवभारत टाइम्स•
ग्रेनो के एक निजी स्कूल में फीस न भरने पर 12वीं के छात्र को प्रैक्टिकल परीक्षा से रोका गया। परिजनों ने स्कूल प्रबंधन पर आरोप लगाया। उन्होंने शिक्षा विभाग और सीबीएसई में शिकायत की है। स्कूल प्रिंसिपल का कहना है कि अभिभावक झूठ बोल रहे हैं और उन्होंने पूरी फीस नहीं भरी है।
नॉलेज पार्क 1 के एक निजी स्कूल में 12वीं के छात्र को प्रैक्टिकल परीक्षा में बैठने से रोकने और उस पर जुर्माना लगाने का मामला सामने आया है। छात्र के परिजनों का आरोप है कि स्कूल प्रबंधन ने फीस और जुर्माना न भरने पर छात्र को परीक्षा से वंचित कर दिया। इस घटना से नाराज परिजनों ने शिक्षा विभाग और सीबीएसई से शिकायत की है।
अभिभावक सुभाष भाटी ने बताया कि उनके दो बच्चे इसी स्कूल में पढ़ते हैं। उनके 12वीं में पढ़ रहे बेटे की तीसरी तिमाही की फीस समय पर जमा नहीं हुई थी, जिस पर चार हजार रुपये का जुर्माना लगा दिया गया था। भाटी ने बताया कि दो दिन पहले वह स्कूल में इस मामले पर बात करने गए थे, लेकिन प्रिंसिपल या किसी सीनियर टीचर से उनकी मुलाकात नहीं हो पाई। सोमवार को जब बच्चे का प्रैक्टिकल था, तो स्कूल ने उसे परीक्षा देने से रोक दिया। बच्चे का फोन आने पर वह तुरंत स्कूल पहुंचे और फीस जमा करने की बात कही। बातचीत के बाद, स्कूल ने जुर्माने की राशि दो हजार रुपये कम कर दी।इस मामले पर स्कूल की प्रिंसिपल शिखा सिंह ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि अभिभावक ने पूरे साल की फीस नहीं भरी है। प्रिंसिपल ने छात्र को प्रैक्टिकल देने से रोकने की बात को गलत बताया। उन्होंने कहा कि उन्होंने बच्चे से फीस जमा करने के लिए कहा था।
यह घटना स्कूल प्रबंधन और अभिभावकों के बीच फीस और जुर्माने को लेकर चल रहे विवाद को उजागर करती है। परिजनों का कहना है कि स्कूल ने फीस न भरने पर छात्र के भविष्य से खिलवाड़ किया। वहीं, स्कूल प्रबंधन का कहना है कि फीस जमा न होने के कारण ही बच्चे से फीस भरने को कहा गया था। इस पूरे मामले की जांच शिक्षा विभाग और सीबीएसई द्वारा की जा रही है।