Up Board Exams 60 Static And 8 Zonal Magistrates Deployed To Ensure Cheating free Conduct
बोर्ड परीक्षा के लिए 60 स्टैटिक और आठ जोनल मैजिस्ट्रेट किए तैनात
नवभारत टाइम्स•
यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा १८ फरवरी से शुरू हो रही हैं। जिले में नकलविहीन परीक्षा कराने के लिए शिक्षा विभाग पूरी तैयारी में है। परीक्षा केंद्रों पर सचल दस्ते और कई टीमें नजर रखेंगी। नकल रोकने के लिए जोनल, सेक्टर, स्टेटिक मैजिस्ट्रेट और केंद्र व्यवस्थापकों की तैनाती की गई है।
ग्रेटर नोएडा में यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाएं 18 फरवरी से शुरू हो रही हैं। नकलविहीन परीक्षा कराने के लिए शिक्षा विभाग पूरी तरह से तैयार है। इसके लिए सचल दस्ते और कई टीमें परीक्षा केंद्रों पर पैनी नजर रखेंगी। नकल रोकने के लिए जोनल, सेक्टर, स्टेटिक मैजिस्ट्रेट और केंद्र व्यवस्थापकों की तैनाती कर दी गई है। जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) कार्यालय में एक हाईटेक कंट्रोल रूम भी एक्टिव हो गया है, जहाँ से परीक्षा केंद्रों पर 24 घंटे निगरानी रखी जाएगी।
जिला विद्यालय निरीक्षक राजेश कुमार सिंह ने बताया कि इस बार यूपी बोर्ड की दसवीं और बारहवीं की परीक्षाएं जिले के 60 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की जाएंगी। कुल 42,674 छात्र-छात्राएं इस परीक्षा के लिए पंजीकृत हैं। माध्यमिक शिक्षा परिषद के आदेश पर नकलविहीन परीक्षा सुनिश्चित करने के लिए जोनल, सेक्टर और स्टेटिक मैजिस्ट्रेट की जिम्मेदारियां संबंधित अधिकारियों को सौंप दी गई हैं।नकल पर अंकुश लगाने के लिए डीआईओएस कार्यालय ने चार सचल दल बनाए हैं। इन दलों का नेतृत्व जिला विद्यालय निरीक्षक, बेसिक शिक्षा अधिकारी, डायट प्रवक्ता और राजकीय इंटर कॉलेज दादरी की कार्यवाहक प्रधानाचार्य करेंगी। यह टीमें परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण करेंगी।
परीक्षा के 60 केंद्रों पर छात्र-छात्राओं और परीक्षा से जुड़ी हर गतिविधि पर नजर रखने के लिए 60 स्टेटिक मैजिस्ट्रेट और 60 केंद्र व्यवस्थापकों की तैनाती की गई है। इसके अलावा, नकलविहीन और शांतिपूर्ण परीक्षा संपन्न कराने की जिम्मेदारी आठ जोनल मैजिस्ट्रेट और 11 सेक्टर मैजिस्ट्रेट को सौंपी गई है।
जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में बने आधुनिक कंट्रोल रूम से परीक्षा शुरू होने से लेकर खत्म होने तक हर सेंटर पर पैनी नजर रखी जाएगी। कंट्रोल रूम में दो टीमें सुबह और रात की शिफ्ट में काम करेंगी, ताकि परीक्षा के दौरान होने वाली हर गतिविधि पर 24 घंटे नजर रखी जा सके। यह व्यवस्था यह सुनिश्चित करेगी कि परीक्षा पूरी तरह से निष्पक्ष और पारदर्शी हो।