हर जिले में खोले जाएंगे ट्रॉमा सेंटर

नवभारत टाइम्स

उत्तर प्रदेश सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने जा रही है। अब हर जिले में ट्रॉमा सेंटर खुलेंगे। कई जिलों में नए अस्पताल बनेंगे और पुराने अस्पतालों का भी रखरखाव होगा। हर मंडल में आयुर्वेद, यूनानी और होम्योपैथी के इलाज के लिए इंटीग्रेटेड आयुष मेडिकल कॉलेज खोले जाएंगे। निजी अस्पतालों के निर्माण के लिए भी बजट तय किया गया है।

up governments big announcement trauma centers to open in every district healthcare services to improve
लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने अपने बजट में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए बड़ा ऐलान किया है। हर जिले में ट्रॉमा सेंटर बनेंगे, साथ ही कई जिलों में नए 100 बेड वाले अस्पताल खुलेंगे और पुराने अस्पतालों की मरम्मत भी होगी। इतना ही नहीं, हर मंडल में इंटीग्रेटेड आयुष मेडिकल कॉलेज खोले जाएंगे, जहां आयुर्वेद, यूनानी और होम्योपैथी तीनों विधाओं में इलाज की सुविधा मिलेगी। पहले चरण में ऐसे पांच कॉलेज शुरू हो सकते हैं। निजी अस्पतालों के निर्माण और चिकित्सा क्षेत्र में निजी निवेश को बढ़ावा देने के लिए "25 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। बायोमेडिकल कचरे के निपटान के लिए पर्यावरण प्रबंधन प्रकोष्ठ भी बनाया जाएगा। नेशनल हेल्थ मिशन की योजनाओं के लिए बजट में "300 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।

आयुष विभाग अब किराए के भवनों में चल रही डिस्पेंसरी और अस्पतालों को अपनी इमारतों में शिफ्ट करेगा। इसके लिए भी बजट में खास इंतजाम है। शुरुआत में 154 होम्योपैथी, 177 आयुर्वेदिक और 25 यूनानी डिस्पेंसरी को अपनी बिल्डिंग में ले जाने की योजना है। इंटीग्रेटेड आयुष मेडिकल कॉलेज के लिए भी बजट का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा, AIIMS की तर्ज पर अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (AIIA) भी खोला जाएगा।
यह कदम प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने और लोगों को आसानी से इलाज मुहैया कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। नए अस्पतालों और ट्रॉमा सेंटरों से गंभीर बीमारियों और दुर्घटनाओं के मामलों में तुरंत इलाज मिल सकेगा। इंटीग्रेटेड आयुष मेडिकल कॉलेज से पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को बढ़ावा मिलेगा और लोगों को एक ही छत के नीचे विभिन्न प्रकार के इलाज उपलब्ध होंगे। निजी क्षेत्र की भागीदारी से चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार होगा और बायोमेडिकल कचरे के सुरक्षित निपटान से पर्यावरण की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी। नेशनल हेल्थ मिशन के लिए आवंटित राशि से स्वास्थ्य योजनाओं को और मजबूती मिलेगी।