निवेश के लिए तैयार होगा विश्व स्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर

नवभारत टाइम्स

उत्तर प्रदेश सरकार ने आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर लोकलुभावन योजनाओं के बजाय इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार और निवेश पर जोर दिया है। बजट में पूंजीगत व्यय बढ़ाकर विश्व स्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने की योजना है। गंगा एक्सप्रेस-वे का विस्तार सोनभद्र तक होगा और विंध्य एक्सप्रेस-वे का निर्माण किया जाएगा।

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लखनऊ: अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले, योगी सरकार ने अपने बजट में लोकलुभावन योजनाओं के बजाय इंफ्रास्ट्रक्चर (बुनियादी ढांचे) के विस्तार और निवेश पर ज़ोर दिया है। प्रदेश में औद्योगिक निवेश के माहौल को और मजबूत बनाने और विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने के लिए बजट में पूंजीगत व्यय (कैपिटल एक्सपेंडिचर) के तौर पर 2.48 लाख करोड़ रुपये से ज़्यादा का प्रावधान किया गया है। इसमें से 1.77 लाख करोड़ रुपये से ज़्यादा की रकम मुख्य इंफ्रास्ट्रक्चर योजनाओं पर खर्च होगी। साथ ही, ग्रामीण इलाकों के इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाने के लिए पंचायती राज विभाग का बजट बढ़ाकर 32,090 करोड़ रुपये कर दिया गया है, जो 2025-26 के मुकाबले 67% ज़्यादा है।

गंगा एक्सप्रेस-वे को सोनभद्र तक जोड़ने की योजना है। अभी मेरठ से प्रयागराज तक बन रहे गंगा एक्सप्रेस-वे का विस्तार सोनभद्र के शक्तिनगर तक किया जाएगा। इस नए हिस्से को विंध्य एक्सप्रेस-वे नाम दिया जाएगा। यह एक्सप्रेस-वे मीरजापुर, वाराणसी, चंदौली से होते हुए सोनभद्र तक पहुंचेगा। इसके लिए बजट में 500 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा, गंगा एक्सप्रेस-वे का विस्तार मेरठ से हरिद्वार तक भी किया जाएगा, जिसके लिए 500 करोड़ रुपये का प्रावधान है। विंध्य एक्सप्रेस-वे को सोनभद्र से चंदौली होते हुए गाजीपुर तक बढ़ाकर पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे से जोड़ने की भी योजना है। इसके लिए भी 500 करोड़ रुपये रखे गए हैं। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर यात्रियों की सुविधाओं के लिए 15 करोड़ रुपये का इंतज़ाम किया गया है।
औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए बजट में 13% की बढ़ोतरी की गई है। अवस्थापना (इंफ्रास्ट्रक्चर) और औद्योगिक विकास की योजनाओं के लिए 27,103 करोड़ रुपये का प्रावधान है, जो 2025-26 की तुलना में 13% ज़्यादा है। MSME (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम) सेक्टर की योजनाओं के लिए 3,822 करोड़ रुपये रखे गए हैं। औद्योगिक क्षेत्रों का विस्तार करने और नए औद्योगिक क्षेत्रों को बढ़ावा देने के लिए 5,000 करोड़ रुपये का इंतज़ाम किया गया है। अटल इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन के तहत इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के लिए 2,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

नई सड़कों और पुलों के निर्माण, चौड़ीकरण और रखरखाव के लिए 34,468 करोड़ रुपये का बड़ा बजट रखा गया है। प्रदेश में नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर के विकास के लिए 400 करोड़ रुपये दिए गए हैं। पुल बनाने के लिए 4,808 करोड़ रुपये और रेलवे ओवरब्रिज बनाने के लिए 1,700 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। राज्य के मुख्य और अन्य जिला मार्गों को चौड़ा करने के लिए 3,700 करोड़ रुपये, राज्य सड़क निधि से सड़कों के रखरखाव के लिए 3,700 करोड़ रुपये और सड़कों के निर्माण, चौड़ीकरण और मज़बूतीकरण के लिए 3,000 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। शहरों में बाईपास, रिंग रोड और चौराहों पर फ्लाईओवर बनाने के लिए 1,500 करोड़ रुपये और औद्योगिक पार्कों के रास्तों को चौड़ा करने और बनाने के लिए 1,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

यह बजट दर्शाता है कि सरकार प्रदेश के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने और निवेश को आकर्षित करने पर पूरा ध्यान दे रही है। सड़कों, एक्सप्रेस-वे और पुलों के निर्माण से कनेक्टिविटी बढ़ेगी, जिससे व्यापार और विकास को नई गति मिलेगी। ग्रामीण इलाकों में भी इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाने पर ज़ोर दिया गया है, जिससे गांवों का विकास भी तेज़ी से होगा। औद्योगिक विकास के लिए विशेष प्रावधानों से रोज़गार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है।