2001 Batch Recruitment Controversy Allegations Of Irregularities In Hpsc Selection Process
2001 बैच की भर्ती से जुड़ा मामला
नवभारत टाइम्स•
2001 बैच की भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताओं का मामला सामने आया है। इस भर्ती को लेकर पक्षपात के आरोप लगे थे। एक अलग एफआईआर में भी इन अधिकारियों की कोई भूमिका नहीं पाई गई। अदालत में राज्य सरकार ने भी माना कि एफआईआर सहायक प्रोफेसरों की भर्ती से जुड़ी थी।
2001 बैच की एचसीएस अधिकारियों की आईएएस में पदोन्नति का मामला विवादों में घिर गया है। यह पूरा मामला 2001 में हुई चयन प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों से जुड़ा है, जिसे हरियाणा लोक सेवा आयोग (एचपीएससी) ने आयोजित किया था। 2002 में इस प्रक्रिया के खिलाफ पक्षपात के आरोपों के साथ एक याचिका दायर की गई थी, जो अभी भी अदालत में है। 2005 में सहायक प्रोफेसरों की भर्ती से जुड़ी एक अलग एफआईआर में भी इन एचसीएस अधिकारियों की कोई भूमिका नहीं पाई गई थी। अदालत में सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने भी माना कि संबंधित एफआईआर सहायक प्रोफेसरों की भर्ती के बारे में थी और इन अधिकारियों के नाम मूल एफआईआर में नहीं थे। वरिष्ठ वकीलों का कहना है कि यह चार्जशीट अधिकारियों की आईएएस में नामांकन प्रक्रिया को प्रभावित करने के इरादे से लाई गई है।
यह पूरा विवाद 2001 बैच के एचसीएस अधिकारियों की चयन प्रक्रिया से जुड़ा है। इस प्रक्रिया में कुछ गड़बड़ियां होने का आरोप है। यह भर्ती हरियाणा लोक सेवा आयोग (एचपीएससी) ने की थी। साल 2002 में, इस भर्ती प्रक्रिया में पक्षपात के आरोप लगे थे। इन आरोपों को लेकर एक याचिका दायर की गई थी, जो आज भी अदालत में चल रही है।इसके अलावा, साल 2005 में सहायक प्रोफेसरों की भर्ती के लिए एक अलग एफआईआर दर्ज हुई थी। इस एफआईआर में भी इन एचसीएस अधिकारियों का नाम कहीं नहीं जोड़ा गया था। यानी, सहायक प्रोफेसरों की भर्ती से उनका कोई लेना-देना नहीं था।
अदालत में जब यह मामला पहुंचा, तो राज्य सरकार ने खुद माना कि जो एफआईआर दर्ज हुई थी, वह सहायक प्रोफेसरों की भर्ती से संबंधित थी। सरकार ने यह भी स्वीकार किया कि इन एचसीएस अधिकारियों के नाम उस एफआईआर में शामिल नहीं थे।
वरिष्ठ वकीलों ने अदालत में यह बात रखी कि यह चार्जशीट जानबूझकर इन अधिकारियों की आईएएस में पदोन्नति की प्रक्रिया को रोकने या प्रभावित करने के लिए लाई गई है। उनका कहना है कि यह एक सोची-समझी साजिश हो सकती है।