मातृवन की सुरक्षा को बनेगी 5 किलोमीटर लंबी दीवार

नवभारत टाइम्स

गुड़गांव में मातृवन की सुरक्षा के लिए पांच किलोमीटर लंबी दीवार का निर्माण होगा। करीब ढाई करोड़ रुपये की लागत से यह चारदीवारी बनाई जाएगी। इससे वन क्षेत्र को स्थायी सुरक्षा मिलेगी। कूड़ा फेंकने, अवैध कटाई और असामाजिक गतिविधियों पर रोक लगेगी। लगाए गए पौधों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी और जैव विविधता संरक्षण को मजबूती मिलेगी।

5 km long wall to be built for the security of matruvan costing 25 crore
गुड़गांव में तेजी से घटते हरे-भरे इलाकों के बीच, मातृवन को बचाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। वन विभाग ने इस महत्वपूर्ण क्षेत्र के चारों ओर चारदीवारी बनाने के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है। करीब ढाई करोड़ रुपये की लागत से लगभग पांच किलोमीटर लंबी यह दीवार बनाई जाएगी, जिसके लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि टेंडर मिलते ही काम शुरू हो जाएगा और तय समय में इसे पूरा कर मातृवन को हमेशा के लिए सुरक्षित कर दिया जाएगा।

यह मातृवन गुड़गांव-फरीदाबाद रोड पर करीब 750 एकड़ में विकसित किया जा रहा है। इसका मकसद शहरी इलाकों में हरियाली बढ़ाना है। यहां लगभग डेढ़ लाख पौधे लगाने की योजना है, जिसमें अरावली क्षेत्र की पुरानी प्रजातियों को खास तरजीह दी जाएगी। अब तक विभिन्न कंपनियों ने मिलकर करीब 40 हजार पौधे लगा दिए हैं। इस प्रोजेक्ट से न सिर्फ गुड़गांव का हरा-भरा इलाका बढ़ेगा, बल्कि एनसीआर में प्रदूषण कम करने और पर्यावरण को संतुलित रखने में भी मदद मिलेगी।
पहले यह इलाका खुला होने की वजह से यहां कोई भी आ-जा सकता था। इससे कूड़ा फेंकने, पेड़ काटने और गलत कामों का खतरा बना रहता था। चारदीवारी बनने के बाद इस वन क्षेत्र की सीमाएं साफ हो जाएंगी और अनधिकृत लोगों का प्रवेश रुक जाएगा। डीएफओ राम कुमार ने बताया कि इससे लगाए गए पौधों की सुरक्षा पक्की होगी और जैव विविधता (अलग-अलग तरह के पेड़-पौधे और जीव-जंतु) को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा, "की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बनाई जाएगी।"

मातृवन को अर्बन फॉरेस्ट्री (शहरों में जंगल उगाना) को बढ़ावा देने के लिए बनाया जा रहा है। यह एक ऐसा तरीका है जिससे शहरों में भी हरियाली बढ़ाई जा सके। यहां लगाए जाने वाले पौधे खास तौर पर अरावली की पुरानी किस्मों के होंगे, जो इस इलाके के लिए एकदम सही हैं। यह परियोजना न केवल पर्यावरण के लिए अच्छी है, बल्कि शहर की सुंदरता भी बढ़ाएगी।

इस चारदीवारी के निर्माण से मातृवन की सुरक्षा सुनिश्चित होगी। पहले यहां लोग आसानी से आ-जा सकते थे, जिससे पौधों को नुकसान पहुंचने का डर था। अब चारदीवारी बनने से यह समस्या खत्म हो जाएगी। वन विभाग इस काम को जल्द से जल्द पूरा करने की कोशिश कर रहा है ताकि मातृवन को पूरी तरह से सुरक्षित किया जा सके।