अधूरे हैंडओवर के विरोध में सोसायटी के लोगों का प्रदर्शन

नवभारत टाइम्स

ग्रेनो वेस्ट की आम्रपाली गोल्फ होम्स और किंग्सवुड सोसायटी के लोग अधूरे निर्माण और वित्तीय गड़बड़ी के खिलाफ सड़कों पर उतरे। निवासियों का आरोप है कि एनबीसीसी ने अधूरा हैंडओवर दे दिया। सुरक्षा और बुनियादी ढांचे के कई काम बाकी हैं। सोसायटी फंड के दुरुपयोग का भी आरोप है। लोग जल्द कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

amrapali golf homes and kingswood society incomplete handover residents protest
ग्रेनो वेस्ट में आम्रपाली गोल्फ होम्स और किंग्सवुड सोसायटी के निवासियों ने शनिवार को अधूरे हैंडओवर और एडहॉक एओए (एडहॉक एसोसिएशन ऑफ अपार्टमेंट ओनर्स) की वित्तीय अनियमितताओं के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। निवासियों का आरोप है कि एनबीसीसी (नेशनल बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन कॉर्पोरेशन) ने सुप्रीम कोर्ट में परियोजना पूरी होने का दावा करने के बावजूद, एडहॉक एओए को कई बुनियादी ढांचे और सुरक्षा संबंधी कार्य अधूरे होने के बावजूद अधूरा हैंडओवर सौंप दिया है। इस वजह से निवासी बेहद परेशान हैं और उनका कहना है कि वे अधूरी सुविधाओं और वित्तीय गड़बड़ियों के साथ यह जिम्मेदारी स्वीकार नहीं करेंगे।

सोसायटी के लोगों ने बताया कि परिसर में फायर सेफ्टी सिस्टम भी ठीक से काम नहीं कर रहा है। कुछ टावरों में तो बारिश का पानी लिफ्टों में घुस जाता है, जिससे लिफ्टें बंद हो जाती हैं। यह एक गंभीर सुरक्षा चिंता का विषय है। इसके अलावा, कई सर्विस शाफ्ट खुले पड़े हैं, जो बच्चों और बुजुर्गों के लिए जानलेवा खतरा पैदा कर सकते हैं। क्लब हाउस, कम्युनिटी सेंटर और स्विमिंग पूल जैसी महत्वपूर्ण सुविधाएं भी अभी तक अधूरी हैं। इन गंभीर खामियों के बावजूद हैंडओवर लेना निवासियों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ है।
निवासियों ने यह भी आरोप लगाया कि एडहॉक एओए जनरल बॉडी मीटिंग (जीबीएम) की अनुमति के बिना ही सोसायटी फंड से हर महीने करोड़ों रुपये निकाल रहा है, जो कि पूरी तरह से गलत है। बार-बार मांगने पर भी टेंडर दस्तावेज, वर्क ऑर्डर और इनवॉइस जैसी महत्वपूर्ण जानकारी साझा नहीं की जा रही है। निवासियों की शिकायतों के कारण एओए का बैंक खाता भी ब्लॉक हो गया है। इस पूरे मामले की शिकायत निवासियों ने डीएम (डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट) से की है।

आरोप है कि एओए कोई भी जीबीएम आयोजित नहीं कर रहा है, जिससे सोसायटी के कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। कानूनी प्रावधानों का भी पालन नहीं किया जा रहा है। निवासियों ने साफ चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो वे कोर्ट रिसीवर कार्यालय में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने से पीछे नहीं हटेंगे।

इस मामले पर एओए के अध्यक्ष राघवेंद्र यादव ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि परिसर का हैंडओवर अधूरे कार्यों के बीच नहीं किया गया है। उन्होंने बताया कि इस मुद्दे को लेकर वे कोर्ट रिसीवर कार्यालय जाएंगे। साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि वे ऑडिट कराने का प्रयास कर रहे हैं ताकि स्थिति स्पष्ट हो सके।

यह पूरा मामला निवासियों के लिए एक बड़ी चिंता का विषय बन गया है, जो अपनी मेहनत की कमाई से खरीदे गए फ्लैटों में अधूरी सुविधाओं और सुरक्षा के अभाव में रहने को मजबूर हैं। वे चाहते हैं कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन हो और उन्हें एक सुरक्षित और पूर्ण विकसित घर मिले।