महाशिवरात्रि के मौके पर वेस्ट यूपी में कांवड़ यात्रा के दौरान आस्था के अलग-अलग रंग देखने को मिल रहे हैं। कहीं मन्नत पूरी होने की खुशी है तो कहीं बेटी का अपने पिता के प्रति समर्पण लोगों को भावुक कर रहा है।
मन्नत पूरी हुई तो उठाई कांवड़: संभल जिले की तमन्ना मलिक इन दिनों चर्चा में हैं। वह बुर्का पहनकर हरिद्वार से पैदल कांवड़ लेकर अपने गांव लौट रही हैं। शनिवार सुबह उनका जत्था अमरोहा पहुंचा, जहां कुछ लोगों ने उनका स्वागत किया। तमन्ना संभल के असमोली थाना क्षेत्र के बदनपुर बसई गांव की रहने वाली हैं। तीन साल पहले उन्होंने गांव के ही अमन त्यागी से प्रेम विवाह किया था। तमन्ना का कहना है कि शादी से पहले उन्होंने मन्नत मांगी थी कि अगर उनकी शादी हो गई तो वह हरिद्वार से पैदल कांवड़ लाकर भगवान शिव का जलाभिषेक करेंगी। अब मन्नत पूरी होने पर वह यह व्रत निभा रही हैं। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस भी उनके साथ है।
बेटी बनी पिता का सहारा: वहीं अलीगढ़ की एक और तस्वीर लोगों का दिल छू रही है। सासनी गेट कॉलोनी निवासी दिव्यांग विष्णु कांवड़ यात्रा पर निकले हैं। वह अपनी ट्राइसाइकिल पर कांवड़ रखकर जल लेने जा रहे थे। तभी उनकी बेटी खुशबू ने साथ चलने की जिद कर दी। पिता ने रास्ता लंबा और कठिन होने की बात कही, लेकिन खुशबू नहीं मानी। वह पूरी यात्रा में अपने पिता की ट्राइसाइकिल को पीछे से धक्का देती चल रही है।








