Hc Cancels Anti corruption Bureaus Chargesheet Eight Hcs Officers Get Major Relief
HC में एंटी करप्शन ब्यूरो की चार्जशीट रद्द, आठ को राहत
नवभारत टाइम्स•
पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने आठ एचसीएस अधिकारियों को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने जून 2023 में दाखिल एंटी करप्शन ब्यूरो की चार्जशीट को रद्द कर दिया है। अदालत ने कहा कि जिन अधिकारियों का नाम मूल एफआईआर में नहीं था, उन्हें चार्जशीट में शामिल करना कानून के अनुरूप नहीं है।
सोनीपत: पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा के आठ एचसीएस (हरियाणा सिविल सेवा) अधिकारियों को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने जून 2023 में हरियाणा एंटी करप्शन ब्यूरो द्वारा दाखिल की गई चार्जशीट को रद्द कर दिया है। अदालत ने साफ कहा कि जिन अधिकारियों का नाम न तो मूल एफआईआर में था और न ही उनके खिलाफ किसी भी स्तर पर जांच हुई थी, उन्हें चार्जशीट में शामिल करना कानून के दायरे में नहीं आता। इस फैसले से इन आठ अधिकारियों को बड़ी राहत मिली है और उनकी आईएएस कैडर में पदोन्नति का रास्ता भी साफ हो गया है।
जिन आठ एचसीएस अधिकारियों को यह राहत मिली है, उनके नाम जगदीप ढांडा, कुलदीप सिंह, सुरेंद्र सिंह, वीना हुड्डा, जग निवास, कमलेश भादू, वत्सल वशिष्ठ और सरिता मलिक हैं। लंबे समय से चार्जशीट के कारण इन अधिकारियों की राज्य कोटे के तहत आईएएस कैडर में पदोन्नति रुकी हुई थी। हाईकोर्ट के इस फैसले से अब उनकी पदोन्नति प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी।अदालत ने अपने विस्तृत आदेश में कहा कि चार्जशीट पेश करने का तरीका कानून के मुताबिक नहीं था और यह पूरी तरह से अवैध था। कोर्ट ने 30 जून, 2023 को दाखिल की गई चार्जशीट को खारिज करते हुए साफ किया कि इन अधिकारियों का मूल मामले से कोई लेना-देना साबित नहीं हुआ था। साथ ही, उनके खिलाफ कोई अलग से जांच भी नहीं की गई थी।
कोर्ट ने यह भी माना कि अगर किसी अधिकारी का नाम एफआईआर में दर्ज ही नहीं है, तो उसे सीधे आरोपपत्र में शामिल करना किसी भी तरह से सही नहीं ठहराया जा सकता। यह फैसला न केवल इन आठ अधिकारियों के लिए राहत लेकर आया है, बल्कि यह प्रशासनिक कार्रवाई में पारदर्शिता और कानूनी प्रक्रियाओं के महत्व को भी रेखांकित करता है। अदालत के इस निर्णय ने यह स्पष्ट कर दिया है कि बिना किसी जांच या एफआईआर में नाम के अधिकारियों को चार्जशीट में फंसाना गलत है। यह फैसला भविष्य में होने वाली प्रशासनिक कार्रवाइयों के लिए एक मिसाल बनेगा।