भारतीय जीवन बीमा कंपनी के प्रतिनिधि ने एसपी को शिकायत दी। गुलबसा के नाम पर बीमा कवर मांगा गया था। दावेदार ने महिला की मौत की तारीख गलत बताई। जांच में पता चला कि महिला की मौत बीमा लेने से पहले ही हो चुकी थी। यह मामला बीमा धोखाधड़ी का प्रतीत होता है।
भारतीय जीवन बीमा कंपनी के प्रतिनिधि उमेश कुमार ने एसपी केके विश्नोई को एक शिकायत पत्र सौंपा है। इसमें गुलबसा के जीवन बीमा कवर से जुड़ा मामला सामने आया है। बीमा दावे में गुलबसा के पिता काजिमुद्दीन को नॉमिनी बताया गया था। क्षेत्रीय समिति की जांच में पता चला कि महिला की मौत की तारीख को लेकर गड़बड़ी की गई थी। दावेदार ने 14 अगस्त, 2022 बताई थी, जबकि असल में गुलबसा की मृत्यु 24 जुलाई, 2022 को हुई थी।
यह मामला बीमा धोखाधड़ी की ओर इशारा कर रहा है। भारतीय जीवन बीमा कंपनी के प्रतिनिधि उमेश कुमार ने खुद एसपी केके विश्नोई से मिलकर इस मामले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गुलबसा नाम की महिला के जीवन बीमा कवर के लिए आवेदन किया गया था। इस आवेदन में काजिमुद्दीन को गुलबसा का पिता और नॉमिनी बताया गया था।बीमा कंपनी की क्षेत्रीय समिति ने जब इस बीमा दावे की जांच की, तो कुछ चौंकाने वाली बातें सामने आईं। जांच में पता चला कि दावेदार ने महिला की मौत की तारीख गलत बताई थी। दावेदार के अनुसार, गुलबसा की मृत्यु 14 अगस्त, 2022 को हुई थी। लेकिन, जब आधिकारिक दस्तावेजों की पड़ताल की गई, तो सच्चाई कुछ और निकली। दस्तावेजों के मुताबिक, गुलबसा की मृत्यु असल में 24 जुलाई, 2022 को ही हो गई थी। यह अंतर बीमा कंपनी के लिए चिंता का विषय है और इस मामले की आगे जांच की जा रही है।