High tech Township Dispute Meeting Between Farmers And Builder Hope For Resolution
हाईटेक टाउनशिप प्रकरण में किसानों व बिल्डर की बैठक
नवभारत टाइम्स•
गाजियाबाद में हाईटेक टाउनशिप को लेकर किसानों और बिल्डर के बीच महत्वपूर्ण बैठक हुई। इस बैठक में जीडीए वीसी और जिला अधिकारी ने मध्यस्थता की। किसानों की जमीन और अन्य सुविधाओं से जुड़े विवादों पर खुलकर चर्चा हुई। अधिकारियों के सकारात्मक रुख से किसानों को जल्द न्याय मिलने की उम्मीद है। जल निकासी की समस्या पर भी बात हुई।
गाजियाबाद में हाईटेक टाउनशिप के लिए किसानों की जमीन से जुड़े विवादों को सुलझाने के लिए एक अहम बैठक हुई। इस बैठक में भाकियू के जिला अध्यक्ष विजेंद्र सिंह चौधरी ने जीडीए वीसी और जिला अधिकारी के साथ मिलकर मध्यस्थता की। किसानों और बिल्डर प्रतिनिधियों के बीच जमीन और अन्य सुविधाओं को लेकर चल रहे मतभेदों पर खुलकर बात हुई। अधिकारियों का रवैया सकारात्मक रहा और किसानों को उम्मीद है कि उन्हें जल्द ही उनका हक मिलेगा। बिल्डर द्वारा कब्जाई गई किसानों की जमीन को भी जल्द खाली कराने का मुद्दा उठाया गया। पूरे इलाके में जल निकासी की गंभीर समस्या पर भी चर्चा हुई। बातचीत काफी हद तक सफल रही और कई पुराने मसले आपसी सहमति से हल हो गए, हालांकि कुछ मुद्दों पर अभी पूरी तरह सहमति नहीं बन पाई है।
किसानों की समस्याओं को लेकर हुई इस बैठक में भाकियू के जिला अध्यक्ष विजेंद्र सिंह चौधरी ने अहम भूमिका निभाई। उन्होंने जीडीए वीसी और जिला अधिकारी के साथ मिलकर बिल्डर प्रतिनिधियों और किसानों के बीच मध्यस्थता की। इस मीटिंग का मुख्य उद्देश्य हाईटेक टाउनशिप के मामले में किसानों की जमीन और अन्य सुविधाओं से जुड़े विवादों को सुलझाना था।विजेंद्र चौधरी ने बताया कि बैठक में अधिकारियों का रवैया काफी सकारात्मक रहा। उन्होंने भरोसा जताया कि किसानों को जल्द ही उनका हक मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि बिल्डर ने किसानों की जिस जमीन पर कब्जा कर रखा है, उसे जल्द से जल्द खाली कराया जाएगा। यह किसानों के लिए एक बड़ी राहत की बात है।
बैठक में महेंद्र चौधरी ने पूरे क्षेत्र में जल निकासी की गंभीर समस्या को भी उठाया। यह एक ऐसी समस्या है जो किसानों के जीवन को सीधे तौर पर प्रभावित करती है। इस पर भी अधिकारियों ने ध्यान देने का आश्वासन दिया।
अनुज चौधरी ने बताया कि बातचीत काफी हद तक सफल रही। कई पुराने मुद्दों को आपसी सहमति से सुलझा लिया गया है। यह एक अच्छी खबर है कि कुछ मसले हल हो गए हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि अभी कुछ ऐसे मुद्दे बाकी हैं जिन पर किसान और बिल्डर के बीच पूरी तरह सहमति नहीं बन पाई है। इन बचे हुए मुद्दों पर आगे भी बातचीत जारी रहेगी।