'सिलेबस से आया पेपर, बढ़ा कॉन्फिडेंस'

नवभारत टाइम्स

सीबीएसई बोर्ड की दसवीं की इंग्लिश और बारहवीं की फैशन स्टडीज की परीक्षाएं संपन्न हुईं। छात्रों ने परीक्षा को सिलेबस के अनुसार और संतुलित बताया। इंग्लिश का पेपर आसान रहा, जिससे छात्रों का आत्मविश्वास बढ़ा है। फैशन स्टडीज के पेपर को भी सामान्य बताया गया। परीक्षा केंद्रों पर सुबह से ही छात्रों की चहल-पहल देखी गई।

'सिलेबस से आया पेपर, बढ़ा कॉन्फिडेंस'
गुड़गांव में सीबीएसई बोर्ड की दसवीं की इंग्लिश और बारहवीं की फैशन स्टडीज की परीक्षाएं संपन्न हुईं। शहर के परीक्षा केंद्रों पर सुबह से ही छात्रों की भीड़ देखी गई। परीक्षा सुबह साढ़े दस से दोपहर डेढ़ बजे तक चली। छात्रों ने इंग्लिश के पेपर को संतुलित बताया, जिसमें रीडिंग सेक्शन आसान था, लेकिन राइटिंग सेक्शन में टाइम मैनेजमेंट महत्वपूर्ण रहा। फैशन स्टडीज के पेपर को भी सामान्य बताया गया, जिसमें कुछ प्रश्न ही थोड़े मुश्किल थे।

सीबीएसई बोर्ड की दसवीं कक्षा के छात्रों ने इंग्लिश के पेपर को काफी संतुलित बताया। उन्होंने कहा कि रीडिंग सेक्शन बहुत आसान था। वहीं, राइटिंग सेक्शन में समय का प्रबंधन करना थोड़ा चुनौतीपूर्ण रहा। एक छात्रा अनन्या ने बताया कि पेपर उनके सिलेबस के अनुसार ही आया था। लेटर और आर्टिकल लिखने वाले सवाल सीधे थे। पेपर आसान होने के बावजूद काफी लंबा था। छात्र रूपेश ने भी कहा कि ग्रामर सेक्शन सामान्य था और प्री-बोर्ड परीक्षा जितना ही आसान था। इस पेपर के बाद उनका आत्मविश्वास और बढ़ गया है और वे अगले पेपर के लिए और भी तैयार महसूस कर रहे हैं।
बारहवीं कक्षा के फैशन स्टडीज के छात्रों ने भी अपनी परीक्षा को सामान्य बताया। शिक्षकों के अनुसार, पेपर सिलेबस के दायरे में ही था और ग्रामर सेक्शन भी आसान था। हालांकि, कुछ प्रश्न ऐसे थे जो थोड़े मुश्किल थे। परीक्षा केंद्रों पर सुबह नौ बजे से ही छात्रों का पहुंचना शुरू हो गया था। परीक्षा शुरू होने से पहले छात्र अंतिम समय तक अपने नोट्स दोहराते हुए देखे गए। वे एक-दूसरे से पेपर की तैयारी के बारे में भी बातें कर रहे थे।

छात्रों के माता-पिता भी परीक्षा केंद्रों पर पहुंचे। उन्होंने अपने बच्चों को तनावमुक्त होकर परीक्षा देने के लिए प्रोत्साहित किया। साथ ही, उन्होंने टाइम मैनेजमेंट के महत्व पर भी जोर दिया ताकि वे सभी प्रश्नों को समय पर हल कर सकें। यह परीक्षाएं छात्रों के शैक्षणिक सफर का एक महत्वपूर्ण पड़ाव हैं, और इन परीक्षाओं के परिणाम उनके भविष्य की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।