34 Cyber Thugs Arrested In Mathura Operating As A Syndicate For Fraud Major Police Action
मथुरा में 34 साइबर ठग अरेस्ट, सिंडिकेट बनाकर फ्रॉड का आरोप
नवभारत टाइम्स•
मथुरा में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 34 साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है। ये ठग सिंडिकेट बनाकर लोगों से ठगी करते थे। पुलिस ने विशंभरा और जंघावली गांवों में छापेमारी कर इन्हें पकड़ा। पकड़े गए ठगों के पास से फर्जी आधार कार्ड और मोबाइल फोन बरामद हुए हैं।
मथुरा पुलिस ने रविवार को सिंडिकेट बनाकर ठगी करने वाले 34 साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है। ये ठग विशंभरा और जंघावली गांवों में सक्रिय थे। पुलिस अब इन ठगों द्वारा की गई ठगी की वारदातों की जांच कर रही है और पीड़ितों से संपर्क साधने की कोशिश कर रही है। लंबे समय से मथुरा में साइबर ठगी के मामले सामने आ रहे थे, जिसके बाद पुलिस ने यह बड़ी कार्रवाई की।
रविवार को SSP श्लोक कुमार के निर्देश पर पुलिस ने थाना शेरगढ़ के गांव विशंभरा और जंघावली में छापेमारी की। जंघावली से 11 साइबर ठग पकड़े गए, जबकि 17 भागने में सफल रहे। वहीं, विशंभरा से 23 साइबर ठगों को गिरफ्तार किया गया, लेकिन 28 लोग पुलिस को चकमा देकर भाग निकले। एसपी देहात सुरेश चंद रावत ने बताया कि इस कार्रवाई में 6 राजपत्रित अधिकारी, 13 थाना प्रभारी और 240 पुलिसकर्मी शामिल थे।एसपी देहात ने बताया कि प्रतिबिंब पोर्टल से हॉटस्पॉट चिन्हित कर साइबर पुलिस टीम ने इन ठगों के घरों पर रेड की। उन्होंने यह भी बताया कि पकड़े गए ठगों में से 8 लोग पहले भी जेल जा चुके हैं। पुलिस ने साइबर अपराधियों के पास से फर्जी आधार कार्ड और मोबाइल फोन बरामद किए हैं। साइबर टेक्निकल टीम इन मोबाइल फोन की जांच कर रही है। जांच में पता चला है कि दो आईएमईआई (IMEI) का इस्तेमाल किया गया है।
पकड़े गए ठगों ने अब तक 18 फ्रॉड (fraud) किए हैं। पुलिस इन साइबर अपराधियों के खिलाफ दर्ज मुकदमों की भी जानकारी जुटा रही है। यह कार्रवाई मथुरा में साइबर ठगी पर नकेल कसने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। पुलिस का कहना है कि ठगी के मामलों में कमी लाने के लिए ऐसे अभियान आगे भी जारी रहेंगे।
साइबर ठगी एक ऐसा अपराध है जिसमें अपराधी इंटरनेट और मोबाइल फोन का इस्तेमाल करके लोगों को धोखा देते हैं। वे अक्सर खुद को बैंक अधिकारी, सरकारी कर्मचारी या किसी कंपनी का प्रतिनिधि बताकर लोगों से उनकी निजी जानकारी या पैसे ऐंठ लेते हैं। इन ठगों को पकड़ने के लिए पुलिस लगातार प्रयास कर रही है।
यह घटना दर्शाती है कि साइबर ठग कितने शातिर हो सकते हैं और वे किस तरह से अपने नेटवर्क फैलाते हैं। पुलिस की यह कार्रवाई उन लोगों के लिए एक चेतावनी है जो साइबर ठगी का शिकार हो सकते हैं। लोगों को सलाह दी जाती है कि वे अपनी निजी जानकारी किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ साझा न करें और किसी भी संदिग्ध कॉल या मैसेज से सावधान रहें।