Rakhi Did Not Reach On Raksha Bandhan Courier Company Fined Heavily
भाई को समय पर नहीं मिली राखी,कंपनी पर लगा जुर्माना
नवभारत टाइम्स•
डीटीडीसी कूरियर कंपनी को रक्षाबंधन पर राखी समय पर न पहुंचाने पर जिला उपभोक्ता आयोग ने दोषी पाया है। कंपनी को 100 रुपये कूरियर शुल्क वापसी, 5 हजार रुपये मानसिक पीड़ा और 1 हजार रुपये कानूनी खर्च के तौर पर देने होंगे। यह फैसला सेक्टर-74 निवासी अनामिका सिंह की शिकायत पर आया है।
रक्षाबंधन पर राखी समय पर न पहुंचाने पर जिला उपभोक्ता आयोग ने कूरियर कंपनी डीटीडीसी (DTDC) को सेवा में कमी का दोषी पाया है। आयोग ने डीटीडीसी को पीड़िता अनामिका सिंह को कूरियर शुल्क के 100 रुपये, मानसिक पीड़ा के लिए 5 हजार रुपये और कानूनी खर्च के तौर पर 1 हजार रुपये का भुगतान 30 दिनों के भीतर करने का आदेश दिया है। यह फैसला सेक्टर-74 निवासी अनामिका सिंह की शिकायत पर सुनाया गया, जिन्होंने 25 अगस्त 2023 को अपने भाई के लिए राखियां रोहतक भेजी थीं, लेकिन वे रक्षाबंधन के बाद 11 सितंबर को पहुंचीं।
अनामिका सिंह ने अपनी राखियां डीटीडीसी की सेक्टर-76 शाखा के जरिए भेजी थीं। कूरियर एजेंट ने उन्हें वादा किया था कि राखी से पहले यानी 30 अगस्त तक पार्सल पहुंच जाएगा। लेकिन, यह वादा पूरा नहीं हुआ। जब अनामिका ने अपने पार्सल की ट्रैकिंग देखी, तो उसमें 'रिसीवर नॉट अवेलेबल' और 'पता अधूरा' जैसे गलत कारण दिखाए जा रहे थे। इससे उन्हें काफी परेशानी हुई।जिला उपभोक्ता आयोग ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं। आयोग ने डीटीडीसी की इस दलील को खारिज कर दिया कि वे सिर्फ 100 रुपये की देयता का हवाला देकर अपनी जिम्मेदारी से बच सकते हैं। आयोग ने साफ कहा कि राखी का समय पर न पहुंचना सिर्फ आर्थिक नुकसान नहीं है, बल्कि बहन के लिए गहरी मानसिक पीड़ा का कारण भी बनता है। आयोग ने इस मामले में सख्त रुख अपनाते हुए कूरियर कंपनी को हर्जाना भरने का आदेश दिया। यह फैसला उन सभी लोगों के लिए एक सबक है जो समय पर सेवा देने का वादा करते हैं और उसे पूरा नहीं करते। उपभोक्ता आयोग ने यह सुनिश्चित किया कि ग्राहकों को उनकी सेवा में कमी के लिए उचित मुआवजा मिले।