Fmcg Companies Expect Growth From Sales Volume Next Fiscal Year Reduced Pressure On Profits Due To Falling Inflation
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नवभारत टाइम्स•
एफएमसीजी कंपनियों को अगले वित्त वर्ष में बिक्री की मात्रा बढ़ने की उम्मीद है। महंगाई घटने और कच्चे माल की कीमतें स्थिर रहने से मुनाफे पर दबाव कम होगा। डाबर इंडिया के सीईओ मोहित मल्होत्रा ने कहा कि वृद्धि कीमतों के बजाय बिक्री की मात्रा से होगी। कारोबार का माहौल बेहतर हो रहा है।
नई दिल्ली: देश की रोजमर्रा के उपभोग का सामान बनाने वाली कंपनियों (FMCG) को उम्मीद है कि अगले वित्त वर्ष में उनकी कमाई मुख्य रूप से बेची जाने वाली चीजों की मात्रा पर निर्भर करेगी। कंपनियों का कहना है कि महंगाई कम होने और कच्चे माल के दाम स्थिर रहने से उनके मुनाफे पर पड़ रहा दबाव कम होगा। उद्योग के बड़े नामों ने हाल की बैठकों में बताया कि कई महीनों की उथल-पुथल के बाद अब व्यापार का माहौल सुधर रहा है। खाने के तेल, गेहूं, नारियल और केमिकल जैसे जरूरी कच्चे माल की कीमतें गिरी हैं। साथ ही, जीएसटी दरों में सुधार, न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में बढ़ोतरी और अच्छी फसल के कारण मांग में धीरे-धीरे सुधार की उम्मीद है।
कई कंपनियों ने इस चालू वित्त वर्ष में थोड़ी-बहुत कीमतें बढ़ाई हैं। अब उनका मानना है कि आगे चलकर उनकी कमाई कीमतों के बजाय ज्यादा सामान बेचने से होगी। डाबर इंडिया के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) मोहित मल्होत्रा ने कहा, 'चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में महंगाई काफी बढ़ी थी। अब महंगाई धीरे-धीरे कम हो रही है। नारियल तेल, साबुन, रसायन और वनस्पति तेल की कीमतें घट रही हैं। इसलिए अगले वित्त वर्ष वृद्धि मुख्य रूप से बिक्री की मात्रा पर आधारित होगी, कीमतों पर नहीं।'कंपनियों का यह मानना है कि महंगाई के कम होने से ग्राहकों की जेब पर बोझ कम होगा। इससे वे ज्यादा सामान खरीद पाएंगे। कच्चे माल की कीमतें स्थिर होने से कंपनियों को भी फायदा होगा। उन्हें सामान बनाने में कम खर्च आएगा, जिससे उनका मुनाफा बढ़ेगा।
GST दरों में हुए बदलावों से भी कंपनियों को राहत मिली है। MSP में बढ़ोतरी से किसानों की आय बढ़ी है, जिससे ग्रामीण इलाकों में मांग बढ़ने की उम्मीद है। अच्छी फसल होने से भी बाजार में सामान की उपलब्धता बढ़ेगी और कीमतें नियंत्रण में रहेंगी। यह सब मिलकर FMCG कंपनियों के लिए एक सकारात्मक माहौल बना रहा है।
कुल मिलाकर, FMCG कंपनियां अगले वित्त वर्ष में बिक्री की मात्रा बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं। उनका मानना है कि यह उनके मुनाफे को बढ़ाने का सबसे अच्छा तरीका होगा।