Ild Greens Society Incomplete After 12 Years Builder Took Full Payment But Amenities Absent
‘रकम दी पूरी, लेकिन 12 साल बाद भी सोसायटी है अधूरी’
नवभारत टाइम्स•
सेक्टर 37सी की ILD ग्रीन्स टावर 2 के निवासी ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। 2008 में लॉन्च हुई इस सोसायटी का काम 12 साल बाद भी अधूरा है। बिल्डर ने पूरी रकम ली लेकिन बिजली, पानी, क्लब हाउस, स्विमिंग पूल और बेसमेंट पार्किंग का काम पूरा नहीं किया।
गुड़गांव के सेक्टर 37सी स्थित ILD ग्रीन्स टावर 2 के निवासी खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। 2008 में लॉन्च हुई इस सोसायटी में 256 फ्लैट्स थे, जिनका पजेशन 2014 तक मिलना था। लेकिन 12 साल बीत जाने के बाद भी सिर्फ 60 फ्लैट्स में पजेशन मिला है, और उनमें से भी केवल 22 परिवार रह रहे हैं। इसका कारण यह है कि सोसायटी का काम अभी तक पूरा नहीं हुआ है। निवासियों का आरोप है कि बिल्डर ने पूरे पैसे ले लिए, लेकिन काम अधूरा छोड़ दिया। बिजली, पानी, प्लंबिंग, क्लब हाउस, स्विमिंग पूल और बेसमेंट पार्किंग जैसी जगहों पर काम अधूरा है। सुरक्षा भी एक बड़ा मुद्दा है। सबसे चिंताजनक बात बेसमेंट पार्किंग की है, जहां एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) का पानी लगातार भर रहा है। पार्किंग की जगह पर गंदा पानी जमा है, जिससे एक भी गाड़ी खड़ी करना नामुमकिन है। लोगों का कहना है कि लगातार लीकेज से इमारत की नींव कमजोर हो रही है। कई खंभे जर्जर हो चुके हैं और दीवारों में सीलन और दरारें साफ दिख रही हैं। निवासियों को डर है कि यह लापरवाही किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। हालात इतने खराब हैं कि बच्चों को अकेले बाहर भेजने में भी डर लगता है।
सोसायटी को लॉन्च हुए 18 साल हो गए हैं, लेकिन लिफ्ट, कॉमन एरिया और सीढ़ियां अभी भी टूटी हुई हैं। क्लब हाउस पूरी तरह से खंडहर बन चुका है और स्विमिंग पूल का काम भी अधूरा है। निवासियों ने बताया कि कई जगहों पर बिजली के तार खुले पड़े हैं। ट्रांसफॉर्मर और पैनल एरिया के आसपास पानी भरा हुआ है। जहां डीजी सेट (जनरेटर) के लिए जगह बनाई गई थी, वहां भी जलभराव की समस्या है।निवासियों ने अपनी परेशानी साझा करते हुए कहा कि बिल्डर ने उनसे पूरा पैसा ले लिया, लेकिन काम अधूरा छोड़ दिया। "बिल्डर ने रकम तो पूरी ली लेकिन काम अधूरा किया," यह बात उन्होंने NBT संवाद में कही। बिजली, पानी, प्लंबिंग, क्लब हाउस, स्विमिंग पूल, बेसमेंट सब जगह काम अधूरा है। सुरक्षा पर भी खतरा बना हुआ है।
सबसे गंभीर स्थिति बेसमेंट पार्किंग की है। आरोप है कि एसटीपी का पानी लगातार बेसमेंट में भर रहा है। जहां पार्किंग होनी चाहिए थी वहां गंदा पानी जमा है। एक भी गाड़ी खड़ी करना संभव नहीं। लोगों का कहना है कि लगातार लीकेज से इमारत की नींव कमजोर हो रही है। कई खंभे जर्जर हो चुके हैं। दीवारों में सीलन और दरारें साफ दिखती हैं। निवासियों को डर है कि यह लापरवाही किसी बड़े हादसे में न बदल जाए। लोगों का कहना है कि हालत इतने खराब हैं कि बच्चों को अकेले बाहर भेजने में भी डर लगता है।
क्लब हाउस खंडहर, स्विमिंग पूल भी अधूरा है। निवासियों ने बताया कि सोसायटी को लॉन्च हुए 18 साल हो गए हैं, लेकिन अब तक लिफ्ट, कॉमन एरिया और सीढ़ियां टूटी हुई हैं। क्लब हाउस पूरी तरह से खंडहर है और स्विमिंग पूल का काम भी अधूरा है। निवासियों ने कहा कि कई जगह तारें खुली पड़ी हैं। ट्रांसफॉर्मर और पैनल एरिया में आसपास पानी भरा है। जहां डीजी सेट के लिए जगह बनाई गई थी वहां भी जलभराव है।