UP के अन्य जिलों में खुलेंगे भातखंडे के सेंटर

नवभारत टाइम्स

भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय अपने सौवें वर्ष में उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों में विस्तार कर रहा है। कानपुर, आजमगढ़ और अलीगढ़ में नए केंद्र खुलेंगे। यहां गायन, वादन और नृत्य के पाठ्यक्रम चलेंगे। विश्वविद्यालय का लक्ष्य सांस्कृतिक शिक्षा को जन-जन तक पहुंचाना है। लखनऊ के दूरदराज इलाकों में भी नए केंद्र खोलने की योजना है।

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भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय अपने स्थापना के सौ साल पूरे होने पर उत्तर प्रदेश के कई शहरों में अपनी पहुंच बढ़ाने जा रहा है। विश्वविद्यालय जल्द ही कानपुर , आजमगढ़ और अलीगढ़ में नए केंद्र खोलेगा। इन केंद्रों पर गायन, वादन और नृत्य जैसे विषयों में डिग्री और डिप्लोमा कोर्स पढ़ाए जाएंगे। यह कदम विश्वविद्यालय का मकसद सांस्कृतिक शिक्षा को हर किसी तक पहुंचाना है।

विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. मांडवी सिंह ने बताया कि कानपुर में नए केंद्र के लिए आवेदन की जांच पूरी हो चुकी है और वहां जल्द ही पढ़ाई शुरू हो जाएगी। आजमगढ़ और अलीगढ़ से आए आवेदनों पर भी जांच के बाद जल्द ही मंजूरी मिल जाएगी। इसके अलावा, विश्वविद्यालय लखनऊ के उन इलाकों में भी नए केंद्र खोलने की सोच रहा है जो मुख्य कैंपस या उससे जुड़ी अकादमियों से काफी दूर हैं।
फिलहाल, भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय से भारतेन्दु नाट्य अकादमी, उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी और ललित कला अकादमी जैसी संस्थाएं जुड़ी हुई हैं। इन संस्थाओं के जरिए विश्वविद्यालय सांस्कृतिक शिक्षा दे रहा है। साथ ही, आजमगढ़ के हरिहरपुर में एक संगीत महाविद्यालय भी विश्वविद्यालय से जुड़ा हुआ है।

कुलपति प्रो. मांडवी सिंह ने कहा कि संस्थान का मुख्य उद्देश्य सांस्कृतिक शिक्षा को जन-जन तक पहुंचाना है। उन्होंने बताया कि कानपुर से मिले आवेदन की जांच का काम पूरा हो गया है और वहां कोर्स शुरू करने की प्रक्रिया चल रही है। आजमगढ़ और अलीगढ़ से मिले आवेदनों की जांच के बाद उन्हें भी जल्द ही मंजूरी दे दी जाएगी। विश्वविद्यालय लखनऊ के अंदर भी ऐसे इलाकों में नए सेंटर खोलने पर विचार कर रहा है जो मुख्य कैंपस या उससे जुड़ी अकादमियों से बहुत दूर हैं।