Ram Manohar Lohia Institute To Provide Beds For Attendants Better Facilities For Patients
मरीज़ों को सुविधाएं और तीमारदारों को मिलेगा बेड
नवभारत टाइम्स•
लखनऊ के राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में तीमारदारों को अब खुले में रातें नहीं गुजारनी पड़ेंगी। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने 24.86 करोड़ की लागत से बनने वाले 510 बेड के रैन बसेरा भवन का भूमि पूजन किया। संस्थान में डायग्नोस्टिक सुविधाओं का भी विस्तार किया गया है।
लखनऊ: राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के शहीद पथ स्थित मातृ एवं शिशु रेफरल अस्पताल में अब मरीजों के तीमारदारों को खुले में रातें नहीं गुजारनी पड़ेंगी। मंगलवार को राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने 24.86 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले 510 बेड के रैन बसेरा भवन का भूमि पूजन और शिलान्यास किया। इस मौके पर राज्यपाल ने महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य संरक्षण पर जोर दिया, जबकि उपमुख्यमंत्री ने शहीद पथ कैंपस में 1000 बेड के ब्रॉड स्पेशियलिटी अस्पताल की स्वीकृति और अन्य निर्माणाधीन परियोजनाओं की जानकारी दी।
संस्थान के निदेशक प्रो. सीएम सिंह ने बताया कि मातृ एवं शिशु रेफरल अस्पताल में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। पहले मरीजों को सीटी स्कैन, एमआरआई और अल्ट्रासाउंड जैसी जांचों के लिए दूसरे परिसरों में जाना पड़ता था। लेकिन अब यहां डायग्नोस्टिक सुविधाओं का विस्तार किया गया है। इससे मरीजों को इलाज और जांच एक ही जगह पर मिल सकेगी।इस रैन बसेरा भवन के बनने से मरीजों के साथ आने वाले लोगों को काफी राहत मिलेगी। उन्हें अब ठंड या बारिश में बाहर नहीं सोना पड़ेगा। यह सुविधा खासकर उन लोगों के लिए बहुत मददगार होगी जो दूर-दराज से इलाज के लिए आते हैं।
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने इस अवसर पर महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य की देखभाल पर विशेष ध्यान देने की बात कही। उन्होंने कहा कि यह बहुत जरूरी है कि उनकी सेहत का खास ख्याल रखा जाए।
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने बताया कि शहीद पथ कैंपस में 1000 बेड का एक बड़ा अस्पताल भी बनने जा रहा है। यह अस्पताल कई तरह की बीमारियों के इलाज की सुविधा देगा। इसके अलावा, कई अन्य परियोजनाएं भी निर्माणाधीन हैं, जो संस्थान की सुविधाओं को और बेहतर बनाएंगी।
यह कदम मरीजों और उनके तीमारदारों के लिए एक बड़ी सुविधा साबित होगा। एक ही छत के नीचे इलाज और जांच की सुविधा मिलने से समय की बचत होगी और मरीजों को बेहतर देखभाल मिल पाएगी।