'बिना ज्ञान लड़े तो हार तय है'

नवभारत टाइम्स

वाल्मीकि विकास सेवा संस्थान ने समाज सेविका मुन्नी देवी की जयंती मनाई। इस अवसर पर बच्चों की शिक्षा पर जोर दिया गया। चेयरमैन नरेश वाल्मीकि ने बच्चों को शिक्षा देने की अपील की। अविनाश भारती ने कहा कि ज्ञान के बिना हार तय है। रवि कंचन ने लड़कियों की उच्च शिक्षा की वकालत की। बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए।

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लखनऊ में वाल्मीकि विकास सेवा संस्थान ने समाज सेविका मुन्नी देवी की जयंती मनाई। इस मौके पर गोमती नगर स्थित बौद्ध शोध संस्थान में बच्चों की शिक्षा पर खास जोर दिया गया और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी हुए। संस्थान के चेयरमैन नरेश वाल्मीकि ने समाज से अपने बच्चों को पढ़ाने की अपील की।

कार्यक्रम में अविनाश भारती ने कहा कि ज्ञान के बिना लड़ाई में हार पक्की है। रवि कंचन ने इस बात पर जोर दिया कि लड़कियों को 12वीं के बाद आगे पढ़ाना चाहिए। बच्चों ने गीत, नृत्य, कविता और छोटे-छोटे नाटकों से लोगों का खूब मनोरंजन किया।
यह कार्यक्रम वाल्मीकि विकास सेवा संस्थान द्वारा आयोजित किया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य समाज में शिक्षा के महत्व को बढ़ाना था, खासकर बच्चों और लड़कियों की उच्च शिक्षा पर ध्यान केंद्रित करना। संस्थान के चेयरमैन नरेश वाल्मीकि ने सभी से अपने बच्चों को स्कूल भेजने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही आगे बढ़ने का रास्ता है।

कार्यक्रम में मौजूद वक्ताओं ने शिक्षा के बिना जीवन की निरर्थकता को समझाया। अविनाश भारती ने एक उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे बिना हथियार के युद्ध में जाना मूर्खता है, वैसे ही बिना ज्ञान के जीवन की चुनौतियों का सामना करना मुश्किल है। रवि कंचन ने विशेष रूप से लड़कियों की शिक्षा की वकालत की। उन्होंने कहा कि आज के समय में लड़कियों को भी लड़कों के बराबर शिक्षा मिलनी चाहिए।

बच्चों की प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए। उन्होंने अपनी कला का प्रदर्शन कर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। यह जयंती समारोह शिक्षा के प्रति जागरूकता फैलाने का एक सफल प्रयास रहा।