Major Plan To Make Yamuna Pollution free Strict Action On Sewer Treatment And Illegal Dumping
यमुना को प्रदूषण मुक्त करने के प्लान पर चर्चा
नवभारत टाइम्स•
गुड़गांव और एनसीआर के जिलों से यमुना में जाने वाले सीवर के पानी को अब ट्रीट किया जाएगा। इसके लिए ड्रेन टैपिंग और एसटीपी नेटवर्क को मजबूत किया जाएगा। सीवर कचरे की अवैध डंपिंग करने वालों पर एफआईआर दर्ज होगी। हरियाणा प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के चेयरमैन ने अधिकारियों को यह निर्देश दिए हैं।
हरियाणा प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के चेयरमैन विनित गर्ग ने मंगलवार को गुड़गांव में अधिकारियों के साथ एक अहम बैठक की। इस बैठक में यह तय हुआ कि अब गुड़गांव और आसपास के एनसीआर जिलों से यमुना में जाने वाले सीवर के पानी को ट्रीट करके ही छोड़ा जाएगा। इसके लिए ड्रेन टैपिंग (नालों को रोकना) और एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) के नेटवर्क को और मजबूत किया जाएगा। साथ ही, सीवर कचरे को खुले में फेंकने वालों पर एफआईआर (FIR) दर्ज होगी। यह फैसला यमुना एक्शन प्लान और बंधवाड़ी में कचरा प्रबंधन की समीक्षा के दौरान लिया गया।
चेयरमैन विनित गर्ग ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि सीवर के कचरे को खुले में डालने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि ड्रेनों को टैप करके, एसटीपी और सीईटीपी (कंबाइंड एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट) लगाकर, कचरा प्रबंधन को सुधारकर और निगरानी तंत्र को मजबूत करके ही यमुना के पानी की गुणवत्ता में सुधार लाया जा सकता है। बादशाहपुर ड्रेन, झज्जर की ड्रेन और मुंगेशपुर ड्रेन को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए तैयार एक्शन प्लान की भी समीक्षा की गई।गुड़गांव में घरों से निकलने वाले सीवर के पानी को साफ करने के लिए फिलहाल 420 एमएलडी (मिलियन लीटर प्रति दिन) क्षमता वाले 12 एसटीपी (STP) पहले से काम कर रहे हैं। इसके अलावा, 27 एमएलडी क्षमता वाले दो नए एसटीपी (STP) निर्माणाधीन हैं, जो जल्द ही चालू हो जाएंगे। यह कदम यमुना नदी को साफ रखने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
बैठक में एनजीटी (NGT) यानी नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल द्वारा वेस्ट मैनेजमेंट (कचरा प्रबंधन) को लेकर जारी किए गए निर्देशों की प्रगति पर भी अधिकारियों से जानकारी ली गई। चेयरमैन ने इस बात पर जोर दिया कि नियमों का पालन न करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।
इस महत्वपूर्ण बैठक में फरीदाबाद के डिविजनल कमिश्नर संजय जून, जीएमडीए (GMDA) के सीईओ पी.सी. मीणा, डीसी अजय कुमार, नगर निगम मानेसर कमिश्नर प्रदीप सिंह, हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव योगेश कुमार, एडीसी सोनू भट्ट और कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। सभी ने मिलकर यमुना को स्वच्छ बनाने के लिए अपनी प्रतिबद्धता जताई।