Turkman Gate Violence Order Reserved On Bail Of 5 Accused Delhi Police Opposed
तुर्कमान गेट हिंसा: 5 आरोपियों की ज़मानत पर आदेश सुरक्षित
नवभारत टाइम्स•
तुर्कमान गेट पथराव मामले में पांच आरोपियों की जमानत पर तीस हजारी कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा है। पुलिस ने जमानत का विरोध किया। कोर्ट ने आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजा था। यह मामला अतिक्रमण विरोधी अभियान के दौरान पथराव से जुड़ा है। पुलिसकर्मियों पर हमले का आरोप है। जांच अभी शुरुआती दौर में है।
तीस हजारी कोर्ट ने तुर्कमान गेट पथराव मामले में पांच आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर सुनवाई पूरी कर ली है। ज्यूडिशियल मैजिस्ट्रेट सयेश चड्ढा ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। दिल्ली पुलिस ने जमानत का कड़ा विरोध करते हुए कहा कि पुलिसकर्मियों पर हमला हुआ था और हत्या की कोशिश का आरोप भी जोड़ा गया है, जिसमें उम्रकैद तक की सजा हो सकती है। यह मामला 8 जनवरी को फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास अतिक्रमण हटाने के दौरान हुए पथराव से जुड़ा है, जिसमें पांच आरोपी मोहम्मद आरिब, काशिफ, अदनान, मोहम्मद कैफ और समीर न्यायिक हिरासत में हैं।
कोर्ट में आरोपियों की तरफ से जमानत की अर्जी लगाई गई थी। इस पर ज्यूडिशियल मैजिस्ट्रेट सयेश चड्ढा ने दोनों पक्षों की बातें ध्यान से सुनीं। दिल्ली पुलिस ने जमानत देने का पुरजोर विरोध किया। पुलिस ने कोर्ट को बताया कि इस घटना में पुलिसकर्मियों पर हमला किया गया था। इतना ही नहीं, पुलिस ने हत्या की कोशिश का गंभीर आरोप भी लगाया है। इस आरोप में दोषी पाए जाने पर उम्रकैद तक की सजा हो सकती है। पुलिस का यह भी कहना है कि मामले की जांच अभी शुरुआती दौर में है और अभी बहुत कुछ पता लगाना बाकी है।यह पूरा मामला 8 जनवरी को हुआ था। उस दिन फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास अतिक्रमण हटाने का अभियान चल रहा था। इसी दौरान पथराव की घटना हुई थी। इस मामले में पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया था। कोर्ट ने 8 जनवरी को इन पांचों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। आरोपियों के नाम मोहम्मद आरिब, काशिफ, अदनान, मोहम्मद कैफ और समीर हैं। अब कोर्ट इन सभी की जमानत याचिकाओं पर अपना फैसला सुनाएगा।