Bulldozer On Illegal Madrasa Dm Reveals Reason Commercial Activities Exposed
कमर्शल गतिविधियां की जा रही थीं: डीएम
नवभारत टाइम्स•
डीएम राजेंद्र पेंसिया ने बताया कि मदरसे की आड़ में 1500 वर्ग मीटर जमीन पर अवैध कब्जा था। यहां दुकानें चलाकर किराया वसूला जा रहा था। डेढ़ महीने पहले ध्वस्तीकरण का आदेश हुआ था। मदरसा कमेटी हाई कोर्ट गई, लेकिन अपील खारिज हो गई। 15 दिन का नोटिस मिलने के बाद रविवार को अवैध मदरसे को गिराने की कार्रवाई हुई।
डीएम राजेंद्र पेंसिया ने बताया कि मदरसे के नाम पर 1500 वर्ग मीटर जमीन पर अवैध कब्जा था। वहां मदरसे की जगह दुकानें चलाकर किराया वसूला जा रहा था। डेढ़ महीने पहले तहसीलदार कोर्ट ने ध्वस्तीकरण का आदेश दिया था, लेकिन मदरसा कमेटी हाई कोर्ट चली गई। हाई कोर्ट ने भी कमेटी की अपील खारिज कर दी। इसके बाद मदरसा कमेटी को 15 दिन का नोटिस दिया गया था। रविवार को नोटिस की अवधि खत्म होने पर इस अवैध मदरसे को गिराने की कार्रवाई की गई।
डीएम राजेंद्र पेंसिया ने साफ किया कि यह जमीन मदरसे के लिए दी गई थी। लेकिन, वहां गलत तरीके से व्यावसायिक गतिविधियां चल रही थीं। दुकानों से किराया भी वसूला जा रहा था। यह पूरी तरह से नियमों के खिलाफ था।तहसीलदार कोर्ट ने करीब डेढ़ महीने पहले ही इस अवैध निर्माण को तोड़ने का आदेश जारी कर दिया था। लेकिन, मदरसा कमेटी ने इस आदेश को मानने से इनकार कर दिया। उन्होंने तुरंत हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
हालांकि, हाई कोर्ट ने भी मदरसा कमेटी की याचिका को खारिज कर दिया। कोर्ट के इस फैसले के बाद मदरसा कमेटी को एक आखिरी मौका दिया गया। उन्हें 15 दिनों का नोटिस दिया गया था।
रविवार को नोटिस की 15 दिन की अवधि पूरी हो गई। इसके बाद प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर अवैध मदरसे को गिराने की कार्रवाई शुरू कर दी। यह कार्रवाई नियमों के तहत की गई है।