Ev Penetration Decreases In Luxury Car Segment Ice Vehicles Become Better Option After Gst 20
लग्जरी कार सेग्मेंट में EV की पैठ घटी
नवभारत टाइम्स•
जीएसटी 2.0 के बाद लग्जरी कारों में इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग में कमी आई है। अब पेट्रोल-डीजल गाड़ियां ग्राहकों को बेहतर विकल्प दे रही हैं। मर्सिडीज-बेंज इंडिया और बीएमडब्ल्यू ग्रुप इंडिया ने इस बदलाव को स्वीकार किया है। हालांकि, ग्राहक अभी भी स्थिरता और कम रनिंग कॉस्ट को महत्व दे रहे हैं।
नई दिल्ली: लग्जरी कार बाज़ार में 'GST 2.0' सुधारों के बाद इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की बिक्री में करीब तीन प्रतिशत की गिरावट आई है। अब पेट्रोल-डीजल वाली गाड़ियां (ICE) खरीदने वालों के लिए ज़्यादा किफायती साबित हो रही हैं। यह बदलाव सिर्फ लग्जरी सेगमेंट में ही नहीं, बल्कि किफायती और मध्यम वर्ग की कारों में भी दिख रहा है। लेकिन लग्जरी कारों में यह अंतर ज़्यादा साफ नज़र आ रहा है, क्योंकि नई जीएसटी दरों के बाद इलेक्ट्रिक और पेट्रोल-डीजल कारों की कीमतों में बड़ा फासला आ गया है।
मर्सिडीज-बेंज इंडिया के सीईओ संतोष अय्यर ने बताया कि अक्टूबर और नवंबर 2025 में, लग्जरी कार बाज़ार में भी इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री में 2 से 3 प्रतिशत की कमी आई है। मर्सिडीज-बेंज इंडिया की कुल बिक्री में इलेक्ट्रिक कारों का हिस्सा 8 प्रतिशत है। लेकिन, 1.5 करोड़ रुपये से ज़्यादा महंगी कारों में यह आंकड़ा 20 प्रतिशत तक पहुँच जाता है।वहीं, बीएमडब्ल्यू ग्रुप इंडिया के अध्यक्ष हरदीप सिंह बरार का कहना है कि जीएसटी 2.0 के कारण उनकी पेट्रोल-डीजल वाली गाड़ियां ग्राहकों को ज़्यादा पसंद आ रही हैं। हालांकि, वे इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग में भी मजबूती देख रहे हैं। बरार के अनुसार, आज ग्राहक सिर्फ कीमत नहीं देखते। वे पर्यावरण का ध्यान रखते हैं, गाड़ी चलाने का कम खर्च और भविष्य की तकनीक को भी अहमियत देते हैं। बीएमडब्ल्यू ग्रुप इंडिया ने जीएसटी में हुई कटौती का पूरा फायदा ग्राहकों तक पहुँचाया है, जिससे उनकी पेट्रोल-डीजल वाली कारों की कीमतों में औसतन 6.7 प्रतिशत की कमी आई है।
सरल शब्दों में कहें तो, जीएसटी में हुए बदलावों ने पेट्रोल-डीजल वाली लग्जरी कारों को सस्ता बना दिया है। इससे ग्राहक अब इलेक्ट्रिक कारों के बजाय इन गाड़ियों को ज़्यादा पसंद कर रहे हैं। हालांकि, इलेक्ट्रिक कारों के अपने फायदे हैं, जैसे पर्यावरण के लिए बेहतर होना और चलाने में सस्ता पड़ना, लेकिन शुरुआती कीमत का अंतर अब ग्राहकों के फैसले पर ज़्यादा असर डाल रहा है। यह स्थिति लग्जरी कार बाज़ार में इलेक्ट्रिक वाहनों के भविष्य पर भी सवाल खड़े कर रही है।