प्रतिबंधित कीटनाशक बेचने वालों पर कृषि विभाग की सख्ती

नवभारत टाइम्स

गाजियाबाद में कृषि विभाग प्रतिबंधित कीटनाशकों की बिक्री पर सख्त हो गया है। अब ऐसे कीटनाशक बेचने वाले उर्वरक केंद्रों पर कार्रवाई होगी। विभाग ने विशेष जांच टीमें बनाई हैं। ये टीमें ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में उर्वरक केंद्रों की जांच करेंगी। कीटनाशकों के नमूने लिए जाएंगे। प्रतिबंधित कीटनाशकों से फसल, मिट्टी, पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य को नुकसान होता है।

ghaziabad agriculture department tightens grip on sellers of banned pesticides special investigation teams formed
गाजियाबाद में कृषि विभाग ने प्रतिबंधित और बिना अनुमति वाले कीटनाशकों की बिक्री पर नकेल कस दी है। अब ऐसे कीटनाशक बेचने वाले उर्वरक केंद्रों पर कड़ी कार्रवाई होगी। इसके लिए विशेष जांच टीमों का गठन किया गया है, जो ग्रामीण और शहरी इलाकों में कृषि उर्वरक केंद्रों की जांच करेंगी। ये टीमें छापेमारी कर कीटनाशकों और अन्य दवाओं के नमूने लेंगी। किसानों की फसलों को बेहतर बनाने के लिए कीटनाशकों का इस्तेमाल होता है, लेकिन प्रतिबंधित कीटनाशकों से फसल, मिट्टी की उर्वरता, पर्यावरण और इंसानी सेहत को नुकसान पहुंचता है। जिला कृषि अधिकारी अमित कुमार ने बताया कि जांच में मिले नमूनों को लैब में भेजा जाएगा।

कृषि विभाग ने जिले में अवैध कीटनाशकों की बिक्री पर सख्त रुख अपनाया है। अब ऐसे कीटनाशक बेचने वाले उर्वरक केंद्रों को बख्शा नहीं जाएगा। विभाग ने इस काम के लिए खास जांच दल बनाए हैं। ये दल गांवों और शहरों में चल रहे खाद-बीज की दुकानों पर जाकर छानबीन करेंगे।
इन टीमों का मुख्य काम दुकानों पर रखे कीटनाशकों और अन्य दवाइयों के सैंपल लेना होगा। किसान अपनी फसलों को कीड़ों से बचाने और अच्छी पैदावार के लिए इन दवाओं का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन, अगर वे प्रतिबंधित कीटनाशकों का इस्तेमाल करते हैं, तो इससे न केवल फसल खराब होती है, बल्कि मिट्टी की उपजाऊ शक्ति भी कम हो जाती है। साथ ही, पर्यावरण और इंसानों की सेहत पर भी बुरा असर पड़ता है।

जिला कृषि अधिकारी अमित कुमार ने इस बारे में जानकारी देते हुए कहा कि जांच के दौरान जो भी नमूने लिए जाएंगे, उन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जाएगा। इससे पता चलेगा कि कौन से कीटनाशक प्रतिबंधित हैं और कौन से नहीं।