अभिभाषण और हंगामे के साथ शुरू हुआ विधानसभा का सत्र

नवभारत टाइम्स

दिल्ली विधानसभा का चार दिवसीय शीतकालीन सत्र एलजी वी. के सक्सेना के अभिभाषण से शुरू हुआ। उन्होंने सरकार के पिछले दस महीनों के कार्यकाल की उपलब्धियां बताईं। एलजी ने शिक्षा, स्वास्थ्य, सार्वजनिक परिवहन और व्यापार को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने दिव्यांगों की आर्थिक मदद और अटल कैंटीन जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं का भी उल्लेख किया।

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दिल्ली विधानसभा का चार दिवसीय विंटर सेशन सोमवार को शुरू हो गया। इस दौरान एलजी वी. के. सक्सेना ने अपने अभिभाषण में पिछले 10 महीनों में सरकार की उपलब्धियों और प्राथमिकताओं को गिनाया। उन्होंने पिछली आम आदमी पार्टी सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि बीजेपी सरकार ने 10 साल की नकारात्मकता को दूर कर जनकल्याणकारी योजनाओं की शुरुआत की है। एलजी ने कहा कि दिल्ली की जनता ने उनकी सरकार और उसके संकल्प पत्र पर भरोसा जताया है और सरकार उन वादों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।

एलजी वी. के. सक्सेना ने अपने अभिभाषण में शिक्षा और स्वास्थ्य को सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बताया। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं पर बजट का 13 फीसदी खर्च किया जा रहा है, जबकि शिक्षा के लिए 19 फीसदी बजट आवंटित किया गया है। सड़कों, फ्लाईओवरों और सार्वजनिक परिवहन के विस्तार पर भी लगातार काम हो रहा है। व्यापार को बढ़ावा देने के लिए ईज ऑफ डूइंग बिजनेस पर जोर दिया गया है और शराब की दुकानों को छोड़कर अन्य दुकानों को 24 घंटे खोलने की अनुमति दी गई है।
बीते दस महीनों में मेट्रो नेटवर्क के विस्तार, इलेक्ट्रिक बसों की शुरुआत और प्रदूषण कम करने के लिए स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देने की योजनाओं पर भी काम हुआ है। एलजी ने स्वीकार किया कि दिल्ली में प्रदूषण एक बड़ी चुनौती है और उनकी सरकार इस मुद्दे को गंभीरता से उठा रही है।

सामाजिक कल्याण और महिला सशक्तिकरण की दिशा में भी सरकार ने कई कदम उठाए हैं। दिव्यांगों की आर्थिक मदद को बढ़ाकर 6000 रुपये कर दिया गया है। सिख दंगा पीड़ितों के परिवारों को नौकरी देने का फैसला लिया गया है। ग्रैप (Graded Response Action Plan) के दौरान निर्माण श्रमिकों को 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी गई। साथ ही, अटल कैंटीन में पांच रुपये में भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है।

एलजी ने कहा कि दिल्ली की जनता ने उन्हें विशाल जनादेश देकर मेरी सरकार और उसके संकल्प पत्र में समाहित नीतियों पर विश्वास जताया है। मेरी सरकार उन संकल्पों पर कायम है। उन्होंने पिछली आम आदमी पार्टी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि बीजेपी सरकार ने पिछली सरकार की 10 साल की नकारात्मकता से उबरकर जनकल्याणकारी योजनाओं की शुरुआत की है।

सरकार का मानना है कि शिक्षा और स्वास्थ्य लोगों के लिए सबसे महत्वपूर्ण हैं। इसलिए, स्वास्थ्य पर बजट का 13 फीसदी और शिक्षा पर 19 फीसदी खर्च किया जा रहा है। यह दिखाता है कि सरकार इन क्षेत्रों को कितना महत्व देती है।

सड़कों और परिवहन को बेहतर बनाने के लिए भी काम चल रहा है। मेट्रो का विस्तार हो रहा है, जिससे लोगों का सफर आसान होगा। इलेक्ट्रिक बसें पर्यावरण के लिए अच्छी हैं और प्रदूषण को कम करने में मदद करेंगी। व्यापार को आसान बनाने के लिए भी कदम उठाए जा रहे हैं, जिससे दिल्ली में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

प्रदूषण दिल्ली की एक बड़ी समस्या है, और सरकार इसे हल करने के लिए गंभीर प्रयास कर रही है। स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में भी सरकार ने कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। दिव्यांगों की मदद करना, दंगा पीड़ितों को सहारा देना और गरीबों को सस्ता भोजन उपलब्ध कराना, ये सभी दिखाते हैं कि सरकार आम लोगों की परवाह करती है। अटल कैंटीन में पांच रुपये में खाना मिलना एक बड़ी राहत है।