ठगी में इस्तेमाल होते हैं चोरी के मोबाइल फोन !

नवभारत टाइम्स

नोएडा से चोरी हुए मोबाइल फोन अब झारखंड और नेपाल में साइबर ठगी के लिए इस्तेमाल हो रहे हैं। पुलिस ने एक गिरोह का पर्दाफाश कर 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह चोरी के मोबाइल झारखंड में थोक में बेचता था। आशंका है कि वहां से ये फोन ठगी के काम आ रहे हैं।

cyber fraud happening with stolen mobiles network spread from noida to jharkhand and nepal
नोएडा से चोरी हुए मोबाइल फोन अब झारखंड और नेपाल में साइबर ठगी के लिए इस्तेमाल हो रहे हैं। पुलिस ने इस गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 6 लोगों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह चोरी के मोबाइल सीधे झारखंड भेजता था, जहां उन्हें सस्ते दामों पर बेचा जाता था। आशंका है कि इन मोबाइलों का इस्तेमाल ठग देश के अलग-अलग हिस्सों में लोगों को ठगने के लिए कर रहे हैं।

नोएडा के फेज-टू थाने की पुलिस ने मंगलवार को एक बड़ी कामयाबी हासिल की। उन्होंने मोबाइल चोरी करने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ किया और 6 आरोपियों को दबोच लिया। इस कार्रवाई में दो नाबालिग भी पकड़े गए। यह गिरोह नोएडा और आसपास के इलाकों से मोबाइल फोन चुराता था। चोरी के बाद इन मोबाइलों को सीधे झारखंड भेज दिया जाता था। वहां इन्हें थोक में बेच दिया जाता था।
पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने बताया कि झारखंड में कुछ लोग इन चोरी के मोबाइलों को बहुत सस्ते दामों पर खरीदते हैं। पुलिस को शक है कि ये खरीदार ही असली ठग हैं। ये लोग चोरी के मोबाइल खरीदकर उनका इस्तेमाल साइबर ठगी में करते हैं। पुलिस इस मामले की गहराई से जांच कर रही है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि साइबर ठग ऐसे ही चोरी के मोबाइल फोन को इसलिए चुनते हैं क्योंकि इन्हें ट्रैक करना बहुत मुश्किल होता है। इन मोबाइलों के असली मालिक का पता लगाना लगभग नामुमकिन हो जाता है। ठग इन मोबाइलों में नए सिम कार्ड डालते हैं और फिर लोगों को फोन करके ठगी करते हैं। कई बार तो ठगी करने के बाद ये मोबाइल फोन को तोड़कर या फेंक देते हैं ताकि कोई सबूत न मिले।

अब पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि झारखंड में किन-किन लोगों को ये चोरी के मोबाइल बेचे जाते थे। साथ ही, पुलिस यह भी जानना चाहती है कि उन लोगों का साइबर ठगी गिरोह से क्या कनेक्शन है। पुलिस का मानना है कि यह एक बहुत बड़ा नेटवर्क हो सकता है। इस नेटवर्क में कई राज्यों के लोग शामिल हो सकते हैं।

यह पूरा सिस्टम, जिसमें नोएडा से चोरी हुए मोबाइल झारखंड और नेपाल तक सप्लाई होते हैं और फिर देश के अलग-अलग हिस्सों में साइबर ठगी के लिए इस्तेमाल होते हैं, अब पुलिस की जांच के दायरे में है। पुलिस ने इस मामले की जानकारी साइबर सेल को भी दे दी है। इसका मकसद ठगी से जुड़े अन्य मामलों को इस केस से जोड़ना है। पुलिस को उम्मीद है कि इससे साइबर ठगी के बड़े रैकेट का खुलासा हो सकेगा।

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