Noida Authoritys Strict Stance Action Intensifies On Industrial Plots For Non commencement Of Work
स्कीम में आवंटित औद्योगिक प्लॉट में शुरू नहीं हुआ काम, नोएडा अथॉरिटी हुई सख्त
नवभारत टाइम्स•
नोएडा अथॉरिटी औद्योगिक भूखंडों पर काम शुरू न होने पर सख्त हो गई है। कई भूखंडों को निरस्त किया जा रहा है और उनका कब्जा वापस लिया जा रहा है। जिन भूखंडों पर समय पर निर्माण नहीं हुआ, उन पर भी कार्रवाई होगी। अथॉरिटी का लक्ष्य औद्योगिक विकास को गति देना और रोजगार सृजन करना है।
नोएडा अथॉरिटी ने औद्योगिक भूखंडों के आवंटन के बाद उन्हें इस्तेमाल न करने वाले आवंटियों पर सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। अथॉरिटी ने ऐसे भूखंडों को निरस्त करने की प्रक्रिया तेज कर दी है और दो ऐसे भूखंडों का कब्जा वापस ले लिया है। यह कदम औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने और एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में उठाया गया है। मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) की अध्यक्षता में हुई एक महत्वपूर्ण बैठक में यह फैसला लिया गया।
बैठक में यह पाया गया कि अथॉरिटी के रिकॉर्ड में कुल तीन औद्योगिक भूखंड निरस्त पाए गए। इनमें से एक भूखंड पर कानूनी मामला (वाद) चल रहा है, इसलिए उसे छोड़कर बाकी दो निरस्त भूखंडों का कब्जा तुरंत वापस लेने के निर्देश दिए गए हैं। सीईओ ने संबंधित विभागों को साफ निर्देश दिया है कि निरस्त भूखंडों पर किसी भी तरह की अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।इसके अलावा, बैठक में उन औद्योगिक भूखंडों की भी समीक्षा की गई जहां निर्माण कार्य तय समय सीमा के अंदर पूरा नहीं हुआ है। समीक्षा में चौंकाने वाली बातें सामने आईं। 11 भूखंडों पर काम तो थोड़ा-बहुत हुआ है, लेकिन 13 भूखंडों पर अभी भी निर्माण चल रहा है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि 9 ऐसे भूखंड मिले जहां समय सीमा खत्म होने के बावजूद अब तक कोई निर्माण शुरू ही नहीं हुआ है। सीईओ ने इन सभी मामलों में नियमों के अनुसार निरस्तीकरण की कार्रवाई करने का आदेश दिया है।
सीईओ ने इस बात पर जोर दिया कि औद्योगिक भूखंडों का मकसद सिर्फ उन्हें आवंटित करना नहीं है, बल्कि वहां समय पर उद्योग स्थापित हों, लोगों को रोजगार मिले और इलाके का औद्योगिक विकास हो। नोएडा अथॉरिटी का मानना है कि इस तरह की नियमित समीक्षा से जमीन का बेहतर इस्तेमाल होगा। साथ ही, उन सच्चे निवेशकों को भी मौका मिलेगा जो वाकई में उद्योग लगाना चाहते हैं।
यह कार्रवाई शासन स्तर से मिली एक रिपोर्ट के बाद की गई है। हाल ही में इंवेस्ट यूपी की टीम ने नोएडा अथॉरिटी एरिया में औद्योगिक भूखंडों के आवंटन के बाद उनके फंक्शनल न होने की रिपोर्ट अथॉरिटी को सौंपी थी। इस रिपोर्ट में कई सौ ऐसे भूखंडों का जिक्र था जिनका इस्तेमाल नहीं हो रहा था। इसी रिपोर्ट के आधार पर अथॉरिटी अब एक-एक भूखंड की जांच कर रही है और निरस्त करने व कब्जा वापस लेने की कार्रवाई शुरू कर दी है।
अथॉरिटी का मानना है कि इस तरह की सख्ती से आवंटियों में जवाबदेही बढ़ेगी। जो लोग सिर्फ जमीन हथियाने के इरादे से भूखंड लेते हैं, उन पर लगाम लगेगी। इससे उन मेहनती और इच्छुक उद्यमियों को मौका मिलेगा जो वास्तव में उत्पादन शुरू करना चाहते हैं और रोजगार के अवसर पैदा करना चाहते हैं। यह कदम नोएडा को एक प्रमुख औद्योगिक हब बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
यह भी स्पष्ट किया गया कि भूखंडों का आवंटन एक प्रक्रिया है, लेकिन उसका अंतिम लक्ष्य औद्योगिक गतिविधि शुरू करना है। यदि आवंटन के बाद भी भूखंड खाली पड़े रहते हैं या उनका दुरुपयोग होता है, तो अथॉरिटी ऐसे आवंटियों को बख्शने वाली नहीं है। यह एक स्पष्ट संदेश है कि नोएडा में औद्योगिक विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।
इस पूरी प्रक्रिया का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि नोएडा में औद्योगिक भूमि का अधिकतम और प्रभावी उपयोग हो। इससे न केवल राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर भी विकास को गति मिलेगी। अथॉरिटी इस दिशा में लगातार काम कर रही है और भविष्य में भी ऐसी समीक्षाएं जारी रहेंगी।