Noida Fake Call Center Busted Millions Duped From Over 300 People
फर्ज़ी कॉल सेंटर खोलकर 300 से अधिक लोगों को बनाया शिकार
नवभारत टाइम्स•
नोएडा में फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ हुआ है। पुलिस ने 13 ठगों को पकड़ा है। ये लोग बीमा पॉलिसी के नाम पर 300 से अधिक लोगों से लाखों की ठगी कर चुके थे। आरोपियों ने खुद को बीमा कंपनी का प्रतिनिधि बताकर लोगों को लालच दिया। पुलिस खातों और डेटा की जांच कर रही है।
नोएडा में साइबर क्राइम टीम और सेक्टर-63 थाने की पुलिस ने मंगलवार को एक बड़े फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में 13 ठगों को गिरफ्तार किया गया है, जिन्होंने 300 से ज़्यादा लोगों को ठगा है। ये ठग बीमा पॉलिसी के नवीनीकरण, बोनस, सरेंडर वैल्यू, मैच्योरिटी राशि और पुरानी पॉलिसी पर अतिरिक्त लाभ दिलाने का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी करते थे। ठगी की रकम 12 बैंक खातों में मंगवाई जाती थी, जिन्हें पुलिस ने फ्रीज कर दिया है। पुलिस इन खातों और दस्तावेजों की गहन जांच कर रही है, साथ ही यह भी पता लगा रही है कि आरोपियों को बीमा कंपनियों का डेटा कहां से मिला।
पुलिस की पूछताछ में सामने आया है कि ये ठग खुद को बीमा कंपनियों का प्रतिनिधि बताकर फर्जी नाम और पते से लोगों को फोन करते थे। वे बंद हो चुकी बीमा पॉलिसी को रिन्यू कराने, पुराने बीमा पर बोनस दिलाने और नई पॉलिसी कराने का लालच देकर पीड़ितों से पैसे अपने बताए गए बैंक खातों में जमा करवा लेते थे। आरोपियों ने यह भी कबूल किया है कि उनकी कंपनी सिर्फ दो बीमा कंपनियों के लिए आधिकारिक तौर पर काम करती थी, लेकिन इसी की आड़ में उन्होंने दूसरी बीमा कंपनियों का डेटा अवैध रूप से बाजार से हासिल किया था। इस डेटा के ज़रिए वे बीमा धारकों और नए ग्राहकों को निशाना बनाते थे।पुलिस ने पकड़े गए 13 ठगों के पास से एक डायरी और सिस्टम भी बरामद किया है, जिसमें पीड़ितों का डेटा खंगाला जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जिन खातों के ज़रिए ठग पीड़ितों से पैसे मंगवाते थे और जिन दस्तावेजों के आधार पर ये बैंक खाते खुलवाए गए थे, उनकी भी बारीकी से जांच की जा रही है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आरोपियों को विभिन्न बीमा कंपनियों का डेटा कहां से मिला।
पूछताछ में आरोपियों ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उन्होंने बताया कि वे लोगों को बीमा पॉलिसी के नवीनीकरण, बोनस, सरेंडर वैल्यू, मैच्योरिटी राशि और पुरानी बीमा पॉलिसी पर अतिरिक्त लाभ दिलाने का लालच देते थे। इसी झांसे में आकर लोग लाखों रुपये की ठगी का शिकार हो जाते थे। ठगी की रकम को ये लोग 12 अलग-अलग बैंक खातों में मंगवाते थे, जिन्हें पुलिस ने अब फ्रीज कर दिया है।
पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि इन ठगों के पास बीमा कंपनियों का इतना संवेदनशील डेटा कहां से आया। क्या यह डेटा किसी अंदरूनी व्यक्ति की मदद से लीक हुआ है या फिर किसी और तरीके से हासिल किया गया है, यह भी जांच का अहम हिस्सा है। पुलिस का मानना है कि इस गिरोह का नेटवर्क काफी बड़ा हो सकता है और इसमें और भी लोग शामिल हो सकते हैं। इसलिए, पुलिस सभी एंगल से जांच कर रही है ताकि इस पूरे रैकेट का पर्दाफाश किया जा सके।