बैंकिंग सिस्टम में क्रेडिट-डिपॉजिट गैप बना रहेगा: SBI रिसर्च

नवभारत टाइम्स
बैंकिंग सिस्टम में क्रेडिट-डिपॉजिट गैप बना रहेगा: SBI रिसर्च
(फोटो- नवभारत टाइम्स)
NBT रिपोर्ट, मुंबई

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने सोमवार को एक रिसर्च नोट में कहा कि बैंकिंग सिस्टम में क्रेडिट और डिपॉजिट ग्रोथ के बीच अंतर बना रहेगा। ऐसा इसलिए होगा क्योंकि परिवारों की बचत डिपॉजिट के पारंपरिक स्रोतों से हट रही है और उद्योगों की ओर से वर्किंग कैपिटल लोन की मांग बनी हुई है, क्योंकि वे जियोपॉलिटिकल झटकों (जिसमें तेल की ऊंची कीमतें भी शामिल हैं) के हिसाब से खुद को ढाल रहे हैं। लगातार कर्ज की वृद्धि डिपॉजिट से ज्यादा रही है। इससे बैंकों पर फंड जुटाने का दबाव बढ़ा है। जरूरत पूरी करने के लिए बैंक अब जमा के अलावा दूसरे स्रोतों से भी पैसा जुटा रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, FY23 से क्रेडिट ग्रोथ लगातार डिपॉजिट ग्रोथ से ज्यादा रही है, जिसके कारण जून 2026 में इनके बीच का अंतर बढ़कर 5.3% हो गया है।
SBI के इकोनॉमिक रिसर्च डिपार्टमेंट (ERD) ने चेतावनी दी है कि अगर जियोपॉलिटिकल रिस्क और बाहरी सप्लाई शॉक बने रहते हैं, तो डिपॉजिट ग्रोथ और क्रेडिट ग्रोथ के बीच का अंतर बना रह सकता है। हालांकि, नए FCNR(B) डिपॉजिट से डिपॉजिट ग्रोथ में तेजी आएगी और इससे स्थिति काफी बदल सकती है।

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