‘मिले राज्यकर्मी का दर्जा'

नवभारत टाइम्स

लखनऊ में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं ने राज्य कर्मचारी का दर्जा देने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। उन्होंने मानदेय भत्ता बढ़ाने की भी मांग की। विभाग की सचिव से वार्ता के बाद मांगों पर आश्वासन मिलने पर धरना स्थगित कर दिया गया। खाली पदों को भरने की भी मांग की गई।

anganwadi workers protested for state employee status honorarium increase and other demands
लखनऊ में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं ने अपनी कई मांगों को लेकर इंदिरा भवन के बाहर रविवार को प्रदर्शन किया। उन्होंने राज्य कर्मचारी का दर्जा, मानदेय और भत्ते में बढ़ोतरी की मांग की। विभाग द्वारा दिए गए मोबाइल फोन के रिचार्ज और तकनीकी समस्याओं के समाधान के लिए कोई व्यवस्था न होने पर भी उन्होंने चिंता जताई। साथ ही, प्रदेश भर में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सुपरवाइजरों के खाली पदों को प्रमोशन से जल्द भरने की मांग की गई। बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग की सचिव रीना जौहरी से हुई वार्ता में मांगों पर आश्वासन मिलने के बाद प्रदर्शन स्थगित कर दिया गया।

प्रदेश महासचिव सावित्री चौधरी ने बताया कि विभाग ने मोबाइल तो दिए, लेकिन उनके रिचार्ज और तकनीकी दिक्कतों को ठीक करने का कोई इंतजाम नहीं किया। उन्होंने कहा, "विभाग की ओर से मोबाइल फोन दिए गए, लेकिन उन्हें रिचार्ज कराने और तकनीकी समस्याओं के निस्तारण के लिए कोई ठोस इंतजाम नहीं किए गए।"
प्रदेश अध्यक्ष नीलम पांडेय ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सुपरवाइजरों के कई पद खाली हैं। उन्होंने मांग की कि इन खाली पदों को प्रमोशन के जरिए जल्द भरा जाए। उन्होंने कहा, "प्रदेश भर में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों व सुपरवाइजर सहित आदि के पद खाली पड़े हैं, इन्हें प्रमोशन से जल्द भरा जाए।"

दोपहर बाद, बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग की सचिव रीना जौहरी ने प्रदर्शनकारियों से बात की। उनकी मांगों पर आश्वासन मिलने के बाद आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं ने अपना धरना प्रदर्शन खत्म कर दिया।