Holika Dahan At 500 Locations In Delhi Today Despite Lunar Eclipse Event To Be Held On March 2
दिल्ली में आज 500 से ़ज्यादा जगहों पर होलिका दहन
नवभारत टाइम्स•
दिल्ली में आज 500 से अधिक स्थानों पर होलिका दहन की तैयारियां पूरी हो गई हैं। चंद्र ग्रहण के कारण होली की तिथियों को लेकर कुछ भ्रम था। पंडितों के अनुसार, होलिका दहन 2 मार्च को प्रदोष काल में होगा। राजधानी में होलिका दहन का शुभ मुहूर्त शाम 6:20 बजे से रात 8:50 बजे तक है।
नई दिल्ली: चंद्र ग्रहण की वजह से होली की तारीखों को लेकर चल रहे कन्फ्यूजन के बीच, राजधानी दिल्ली में ज्यादातर जगहों पर होलिका दहन की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। सोमवार को कई जगहों पर होलिका दहन होगा। होली से एक दिन पहले होलिका दहन मनाया जाता है, और इस बार चंद्र ग्रहण के कारण होली का त्योहार 4 मार्च को मनाया जाएगा। कई जगहों और मंदिरों में होलिका दहन की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
जानकारी के मुताबिक, अलग-अलग इलाकों में रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन्स (RWAs), विभिन्न संगठनों और मंदिरों की ओर से होलिका दहन की तैयारियां की जा रही हैं। राजधानी दिल्ली में 500 से ज्यादा जगहों पर होलिका दहन की व्यवस्था की गई है। ग्रेटर कैलाश RWA के विपिन मनचंदा ने बताया कि आज होलिका दहन रात 8 बजे किया जाएगा। इससे पहले महिलाएं होली का पूजन करेंगी। पीतमपुरा RWA के लोकेश भारद्वाज ने बताया कि होलिका दहन की तैयारियां हो गई हैं और रात दस बजे होलिका दहन होगा। द्वारका में विभिन्न सोसायटियों ने मिलकर होलिका दहन के आयोजन किए हैं।पंडितों के अनुसार, इस बार होलिका दहन 2 मार्च को है। होलिका दहन फाल्गुन पूर्णिमा पर प्रदोष काल में करने का विशेष महत्व है। इस साल फाल्गुन पूर्णिमा 2 मार्च को शाम 5:55 बजे शुरू होगी और अगले दिन 3 मार्च को 5:07 बजे समाप्त होगी। अब चूंकि 3 मार्च को चंद्र ग्रहण शाम 6:20 बजे तक रहेगा, और इसी दिन पूर्णिमा तिथि 5:07 बजे ही समाप्त हो जाएगी। ऐसे में होलिका दहन के लिए 2 मार्च को सबसे अच्छा दिन माना जा रहा है। राजधानी में होलिका दहन का शुभ मुहूर्त शाम 6:20 बजे से रात 8:50 बजे तक है।
चंद्र ग्रहण के कारण इस बार होली की तारीख को लेकर थोड़ी उलझन थी। आमतौर पर, होली फाल्गुन पूर्णिमा के अगले दिन मनाई जाती है। लेकिन इस साल फाल्गुन पूर्णिमा 2 मार्च को शाम को शुरू होकर 3 मार्च की शाम तक रहेगी। वहीं, 3 मार्च की शाम को चंद्र ग्रहण भी लगने वाला है। ग्रहण का सूतक काल और पूर्णिमा तिथि का समापन एक साथ होने की वजह से, पंडितों ने होलिका दहन के लिए 2 मार्च की तारीख को सबसे उपयुक्त बताया है। दिल्ली में होलिका दहन के लिए खास इंतजाम किए गए हैं। कई सोसायटियों और मोहल्लों में लोग मिलकर होलिका दहन का आयोजन कर रहे हैं। यह त्योहार बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है, और लोग इसे पारंपरिक तरीके से मनाने के लिए उत्साहित हैं।