Become A Problem Solver Energy Minister Dr Ak Sharma Teaches Youth Entrepreneurship Skills
'अब समय 'प्रॉब्लम सॉल्वर' बनने का है'
नवभारत टाइम्स•
ऊर्जा मंत्री डॉ. एके शर्मा ने कहा कि युवाओं को पारंपरिक करियर के दबाव से निकलकर नवाचार पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि अब डिग्री लेकर निकलने का समय बीत चुका है। अब समय 'प्रॉब्लम सॉल्वर' बनने का है। यह बात उन्होंने एकेटीयू में आयोजित स्टार्टअप संगम में कही।
ऊर्जा मंत्री डॉ. एके शर्मा ने कहा कि भारतीय युवा गूगल, माइक्रोसॉफ्ट जैसी बड़ी कंपनियों का नेतृत्व कर रहे हैं, लेकिन हम भारत में ही गूगल जैसी कंपनी नहीं बना पा रहे हैं। इसका मुख्य कारण हमारी सामाजिक सोच है। उन्होंने एकेटीयू में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के स्टार्टअप संगम में युवाओं से कहा कि पारंपरिक करियर के दबाव को छोड़कर बच्चों के नवाचार के सपनों का साथ देना चाहिए। इस दो दिवसीय आयोजन में युवाओं को उद्यमिता के बारे में सिखाया जा रहा है। मेटा, फिजिक्स वाला, आईआईएम लखनऊ इनक्यूबेशन सेंटर, ड्रोन लैब और एड्यूबुक जैसी संस्थाओं के प्रतिनिधि भी इसमें शामिल हुए। एबीवीपी के राष्ट्रीय मंत्री अभय प्रताप सिंह ने कहा कि अब सिर्फ डिग्री लेकर निकलने का समय नहीं है, बल्कि ' प्रॉब्लम सॉल्वर ' बनने का समय है।
ऊर्जा मंत्री डॉ. एके शर्मा ने लखनऊ में आयोजित अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के स्टार्टअप संगम में यह बात कही। उन्होंने कहा कि आज हमारे देश के नौजवान गूगल, माइक्रोसॉफ्ट और एडोब जैसी दुनिया की अग्रणी कंपनियों का नेतृत्व कर रहे हैं, लेकिन हम भारत में रहकर 'गूगल' जैसी कंपनी नहीं बना पा रहे हैं। डॉ. शर्मा ने इस समस्या की जड़ हमारी सामाजिक सोच को बताया। उन्होंने जोर देकर कहा कि हमें बच्चों को पारंपरिक करियर के दबाव से बाहर निकालना होगा और उनके नवाचार (नई चीजें सोचने और बनाने) के सपनों को पूरा करने में मदद करनी होगी।यह स्टार्टअप संगम एकेटीयू में आयोजित किया गया था। इसका मकसद युवाओं को उद्यमिता यानी अपना व्यवसाय शुरू करने के बारे में सिखाना था। इस कार्यक्रम में कई बड़ी संस्थाओं के प्रतिनिधि भी पहुंचे। इनमें मेटा, फिजिक्स वाला, आईआईएम लखनऊ इनक्यूबेशन सेंटर, ड्रोन लैब और एड्यूबुक जैसी संस्थाएं शामिल थीं। इन संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने पैनल चर्चा में भाग लिया और युवाओं को महत्वपूर्ण जानकारी दी।
एबीवीपी के राष्ट्रीय मंत्री अभय प्रताप सिंह ने भी इस मौके पर युवाओं को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि अब वह समय बीत गया है जब छात्र सिर्फ डिग्री लेकर कॉलेज से निकलते थे। अब समय बदल गया है। अब छात्रों को 'प्रॉब्लम सॉल्वर' यानी समस्याओं का समाधान खोजने वाला बनना होगा। इसका मतलब है कि उन्हें सिर्फ नौकरी ढूंढने के बजाय ऐसी चीजें बनानी होंगी जो लोगों की समस्याओं को हल करें।