विधानसभा में उठा शिक्षा का मुद्दा

नवभारत टाइम्स

नूंह के विधायक आफताब अहमद ने विधानसभा में शिक्षा की गिरती गुणवत्ता पर चिंता जताई। उन्होंने बताया कि जिले में छात्रों के स्कूल छोड़ने की दर प्रदेश में सबसे अधिक है। शिक्षकों के लगभग आधे पद खाली हैं। परीक्षा परिणाम भी चिंताजनक हैं। विधायक ने इन गंभीर मुद्दों को सदन में उठाया।

education system in nuh assembly causes uproar mla aftab ahmed raises serious questions
नूंह के विधायक आफताब अहमद ने विधानसभा में प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने बताया कि नूंह जिले में बच्चों के स्कूल छोड़ने की दर (ड्रॉपआउट दर) सबसे ज़्यादा है। इसके अलावा, परीक्षा के नतीजों, शिक्षकों की कमी और अधिकारियों की स्थायी नियुक्ति जैसे मुद्दों पर भी चिंता जताई गई।

विधायक ने चिंता जताते हुए कहा कि नूंह जिले में बच्चों के स्कूल छोड़ने का आंकड़ा चिंताजनक है। साल 2023-24 में यह दर 8.61 फीसदी थी, जो 2024-25 में बढ़कर 12.52 फीसदी और 2025-26 में 12.84 फीसदी हो गई। यह आंकड़ा कक्षा 6 से 8 के बच्चों के लिए है। वहीं, कक्षा 11वीं में भी इन सालों में यह दर क्रमशः 7.88, 8.69 और 4.76 फीसदी रही।
इसकी तुलना में, पूरे प्रदेश में कक्षा 6 से 8 में बच्चों के स्कूल छोड़ने की दर काफी कम है। इन सालों में यह दर 4.87, 1.7 और 3 फीसदी रही। कक्षा 11वीं में भी प्रदेश की दर 4.51, 1.26 और 2.47 फीसदी रही, जो नूंह जिले से काफी कम है।

चिंता की एक और बड़ी वजह शिक्षकों की भारी कमी है। विधायक ने बताया कि लगभग 50 फीसदी शिक्षकों के पद खाली पड़े हैं। इससे पढ़ाई की गुणवत्ता पर सीधा असर पड़ रहा है। अधिकारियों की स्थायी नियुक्ति न होने से भी व्यवस्थाएं पटरी से उतर रही हैं।