Haryana Board 10th English Paper Students Struggled With Grammar Some Sets Found Difficult
इंग्लिश के पेपर में उलझे स्टूडेंट्स, ग्रामर ने घुमाया
नवभारत टाइम्स•
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की 10वीं कक्षा का इंग्लिश का पेपर संपन्न हुआ। परीक्षा केंद्रों पर शांति व्यवस्था बनी रही। स्टूडेंट्स ने पेपर को आसान बताया, हालांकि कुछ प्रश्न चुनौतीपूर्ण थे। सेट-ए और सेट-डी को अन्य सेटों की तुलना में कठिन माना गया। सेट-सी के प्रश्न सरल थे। स्टूडेंट्स को अच्छे अंक आने की उम्मीद है।
फरीदाबाद में गुरुवार को हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड (एचबीएसई) की 10वीं कक्षा के छात्रों ने अंग्रेजी का पेपर दिया। शहर के करीब 80 परीक्षा केंद्रों पर यह परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। परीक्षा देकर बाहर निकले छात्रों के चेहरे पर खुशी थी। छात्रों का कहना है कि पेपर आसान था, लेकिन कुछ सवाल थोड़े मुश्किल थे।
छात्रों के अनुसार, अंग्रेजी का पेपर सिलेबस के अनुसार ही आया था। इसलिए उत्तर लिखने में ज्यादा दिक्कत नहीं हुई। हालांकि, सेट-ए और सेट-डी बाकी दो सेटों की तुलना में थोड़े कठिन थे। कुछ प्रश्न ऐसे थे जिनके उत्तर सोचने और लिखने में समय लगा। वहीं, कुछ छात्रों ने बताया कि सेट-सी के सभी प्रश्न बहुत आसान थे और सरल भाषा में पूछे गए थे। छात्रों को उम्मीद है कि उनके अच्छे नंबर आएंगे।परीक्षा केंद्रों के बाहर कुछ शिक्षक भी छात्रों से पेपर के बारे में जानकारी लेते हुए दिखाई दिए। छात्र अपने शिक्षकों के साथ पेपर पर चर्चा कर रहे थे। परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। गेट पर पुलिसकर्मी तैनात थे और किसी को भी अंदर जाने की इजाजत नहीं थी।
एचबीएसई की 10वीं कक्षा के छात्रों के लिए अंग्रेजी का पेपर गुरुवार को आयोजित किया गया। फरीदाबाद में लगभग 80 परीक्षा केंद्रों पर यह परीक्षा हुई। परीक्षा शांतिपूर्ण रही और छात्र खुश नजर आए। पेपर को ज्यादातर छात्रों ने आसान बताया, लेकिन कुछ प्रश्न मुश्किल भी थे।
छात्रों ने बताया कि पेपर सिलेबस के हिसाब से था, जिससे उत्तर देने में आसानी हुई। लेकिन सेट-ए और सेट-डी थोड़े कठिन थे। कुछ सवालों के जवाब सोचने में समय लगा। वहीं, सेट-सी के सवाल बहुत आसान थे और सरल भाषा में पूछे गए थे। छात्रों को अच्छे अंक मिलने की उम्मीद है।
परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम थे। पुलिसकर्मी तैनात थे और किसी को भी परीक्षा हॉल में जाने की अनुमति नहीं थी। शिक्षक भी छात्रों से पेपर के बारे में बात कर रहे थे और छात्र उनसे चर्चा कर रहे थे।