25 फीसदी बढ़े स्किन और आंखों के मरीज़

नवभारत टाइम्स

होली के रंगों का असर अब लोगों पर दिखने लगा है। सिविल अस्पताल में स्किन और आंखों के मरीजों की संख्या में 25 फीसदी की वृद्धि हुई है। एलर्जी, खुजली, जलन और आंखों में समस्या लेकर मरीज पहुंच रहे हैं। केमिकल रंगों से नुकसान हो रहा है।

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गुड़गांव के सिविल अस्पताल में होली के रंगों का असर अब लोगों की सेहत पर साफ दिख रहा है। स्किन और आई ओपीडी में होली के बाद मरीजों की संख्या में करीब 25 फीसदी का इजाफा हुआ है। जहां सामान्य दिनों में त्वचा संबंधी समस्याओं के लिए हर दिन 120 मरीज आते थे, वहीं होली के बाद यह संख्या बढ़कर 180 से ज्यादा हो गई है। डॉक्टरों का कहना है कि सस्ते और सिंथेटिक रंगों में मिले केमिकल और भारी धातुओं के कारण लोगों को एलर्जी, खुजली, जलन और बालों की समस्या हो रही है।

सेक्टर-10 स्थित सिविल अस्पताल में होली के रंगों से होने वाली परेशानियों के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। स्किन स्पेशलिस्ट डॉ. नीरज मेहता ने बताया कि ज्यादातर मरीज त्वचा में एलर्जी, लाल चकत्ते, खुजली और जलन की शिकायत लेकर आ रहे हैं। आंखों के आसपास भी सूजन की समस्या देखी जा रही है। इसके अलावा, कई लोगों ने होली के रंगों से बाल बहुत रूखे होने और बाल झड़ने की परेशानी भी बताई है। कुछ मामलों में तो केमिकल वाले रंगों से स्कैल्प इंफेक्शन (सिर की त्वचा का संक्रमण) भी हो गया है।
आंखों में रंग चले जाने से भी लोगों को दिक्कत हो रही है। मरीजों को आंखों में जलन, लालिमा, पानी आना और हल्की सूजन जैसी समस्याएं हो रही हैं। डॉक्टरों के मुताबिक, बाजार में मिलने वाले सस्ते और सिंथेटिक रंगों में हानिकारक केमिकल और भारी धातुएं होती हैं। ये चीजें हमारी त्वचा, बालों और आंखों को नुकसान पहुंचा सकती हैं। खासकर जिन लोगों की त्वचा संवेदनशील होती है और बच्चों में इन रंगों का रिएक्शन ज्यादा देखने को मिल रहा है। कुछ मरीजों को तो एंटी-एलर्जिक दवाइयों के साथ इंजेक्शन और आंखों के लिए खास आई ड्रॉप भी देनी पड़ी हैं।

डॉक्टरों का कहना है कि कई लोग शुरुआत में घरेलू नुस्खे अपनाते हैं। जैसे दही, बेसन, एलोवेरा जेल या नारियल तेल लगाना। अगर खुजली, रूखापन या हल्की जलन हो तो माइल्ड क्लींजर (हल्के साबुन) और मॉइश्चराइजर से आराम मिल सकता है। लेकिन अगर त्वचा में सूजन, लालिमा या संक्रमण बढ़ जाए तो फौरन डॉक्टर से मिलना बहुत जरूरी है।

आंखों में रंग चला जाए तो बिना डॉक्टर की सलाह के कोई भी आई ड्रॉप या दवा इस्तेमाल नहीं करनी चाहिए। ऐसा करने से समस्या और बढ़ सकती है। ओपीडी में आए कुछ लोगों को इसी वजह से परेशानी हुई है। इसलिए, होली के रंगों से होने वाली किसी भी समस्या को हल्के में न लें और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह जरूर लें।