अर्थव्यवस्था पर संकट

नवभारत टाइम्स

पश्चिम एशिया में ईरान, अमेरिका और इस्राइल के बीच तनाव बढ़ रहा है। इस्राइल और अमेरिका की सैन्य कार्रवाई जारी है। ईरान समर्थित गुट अमेरिकी ठिकानों को निशाना बना रहे हैं। स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से तेल आवाजाही बाधित होने पर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ेंगी। इससे वैश्विक अर्थव्यवस्था पर गंभीर असर पड़ेगा। भारत जैसे विकासशील देश भी प्रभावित होंगे।

अर्थव्यवस्था पर संकट
ईरान, अमेरिका और इस्राइल के बीच बढ़ता तनाव पश्चिम एशिया को युद्ध की आग में झोंक रहा है। इस्राइल और अमेरिका की सैन्य कार्रवाई के जवाब में ईरान समर्थित गुटों ने अमेरिकी ठिकानों और तेल भंडारों पर हमले किए हैं। अगर ईरान ‘ स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज ’ से जहाजों की आवाजाही रोक देता है, तो कच्चे तेल की कीमतें आसमान छू लेंगी। इससे वैश्विक अर्थव्यवस्था चरमरा जाएगी और भारत जैसे विकासशील देशों को भी भारी नुकसान होगा। यह चिंताजनक स्थिति पैंथर तोमर, किशन गंज ने 4 मार्च के संपादकीय ‘युद्ध की कीमत’ में उठाई है।

पश्चिम एशिया में तनाव लगातार बढ़ रहा है। एक तरफ इस्राइल और अमेरिका सैन्य कार्रवाई कर रहे हैं। दूसरी तरफ, ईरान से समर्थन पाने वाले गुट अमेरिकी ठिकानों और तेल के बड़े भंडारों को निशाना बना रहे हैं। यह सब खबरें चिंता पैदा कर रही हैं।
अगर ईरान ‘स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज’ से जहाजों को आने-जाने से रोकता है, तो दुनिया भर में कच्चे तेल की कीमतें बहुत ज्यादा बढ़ जाएंगी। तेल की यह महंगाई वैश्विक अर्थव्यवस्था को बुरी तरह प्रभावित कर सकती है। भारत जैसे विकासशील देशों को भी इस समस्या से कोई राहत नहीं मिलेगी।

यह सारी बातें पैंथर तोमर, किशन गंज ने 4 मार्च के संपादकीय ‘युद्ध की कीमत’ में लिखी हैं। उन्होंने इस बढ़ते संघर्ष के गंभीर परिणामों पर चिंता जताई है।