स्कैनिंग न जांच, सिविल अस्पताल की सुरक्षा पर सवाल

नवभारत टाइम्स

सेक्टर-10 स्थित सिविल अस्पताल की इमरजेंसी में एसिड अटैक की घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। मरीजों और परिजनों में असुरक्षा का भाव है। अस्पताल में प्रवेश करने वालों की कोई जांच नहीं होती। मुख्य गेट पर न बैग की जांच होती है और न ही स्कैनिंग की व्यवस्था है।

civil hospital security lapse questions on screening after acid attack fear among patients
गुड़गांव के सेक्टर-10 स्थित सिविल अस्पताल की इमरजेंसी में एसिड अटैक की घटना के बाद अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। इस घटना ने मरीजों और उनके परिजनों के मन में डर और असुरक्षा की भावना पैदा कर दी है। लोगों का कहना है कि अस्पताल में आने-जाने वालों की कोई जांच नहीं होती, जिससे कोई भी आसानी से कुछ भी लेकर अंदर घुस सकता है। अस्पताल में पुलिस चौकी होने के बावजूद सुरक्षा व्यवस्था बेहद कमजोर है। मुख्य गेट पर न तो बैग की तलाशी ली जाती है और न ही किसी तरह की स्कैनिंग मशीन है। डॉक्टरों का कहना है कि हर दिन सैकड़ों मरीज और उनके साथ आने वाले लोग अस्पताल में आते हैं। महिला डॉक्टरों और बड़ी संख्या में महिला मरीजों के होने के बावजूद सुरक्षा के इंतजाम नाकाफी हैं।

परिजनों का इलाज कराने आए सुरेंद्र ने कहा कि अस्पताल प्रशासन को गेट पर कड़ी जांच करनी चाहिए। इमरजेंसी में मौजूद रामआसरे ने बताया कि अस्पताल में कोई भी बिना किसी रोक-टोक के आ-जा सकता है। ऐसे में प्रशासन को तुरंत सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना चाहिए।
इस मामले पर कार्यकारी पीएमओ डॉ. नीरज ने बताया कि अस्पताल में सुरक्षा बढ़ाने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि गायनी ओपीडी में पहले से ही महिला गार्ड तैनात हैं, लेकिन अब प्रवेश के समय महिलाओं की जांच के लिए अतिरिक्त महिला सुरक्षा गार्ड तैनात किए जाएंगे। इसके अलावा, शाम पांच बजे के बाद अस्पताल में लोगों की आवाजाही केवल मुख्य गेट से ही होगी। इस बात को सुनिश्चित करने के लिए गार्ड्स को निर्देश दिए गए हैं। डॉ. नीरज ने आश्वासन दिया कि मरीजों की सुरक्षा पर किसी भी तरह का खतरा न आए, इसके लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है।

अस्पताल में सुरक्षा की कमी को लेकर लोगों में काफी नाराजगी है। उनका कहना है कि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों, इसके लिए प्रशासन को ठोस कदम उठाने होंगे। खासकर महिला मरीजों और स्टाफ की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई जा रही है। अस्पताल में आने वाले हर व्यक्ति की तलाशी होनी चाहिए ताकि कोई भी संदिग्ध वस्तु या व्यक्ति अंदर प्रवेश न कर सके। पुलिस चौकी के बावजूद सुरक्षा में इस तरह की चूक चिंताजनक है। लोगों की मांग है कि अस्पताल प्रशासन इस मामले को गंभीरता से ले और सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करे।

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