‘बेटा पैदा न करने के देते थे ताने, दहेज के लिए मारपीट भी की’

नवभारत टाइम्स

नूंह के बदोपुर गांव में एक विवाहिता ने अपनी तीन बेटियों के साथ कुएं में छलांग लगा दी। पिता ने ससुराल पक्ष पर दहेज के लिए मारपीट और बेटा न होने पर ताने मारने का आरोप लगाया है। पुलिस ने पति सहित सात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

taunts for having daughters and assault for dowry woman jumps into well with three daughters
नूंह के बदोपुर गांव में एक विवाहिता ने अपनी तीन बेटियों के साथ कुएं में कूदकर जान दे दी। इस मामले में नया मोड़ आ गया है। मृतका के पिता ने ससुराल पक्ष पर दहेज के लिए बेटी को प्रताड़ित करने और बेटा न होने पर ताने मारने का आरोप लगाया है। पुलिस ने मृतका के पति सहित ससुराल के सात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।

पीड़ित हनीफ ने बताया कि उनकी बेटी साहिला की शादी 2018 में शाहिद के साथ हुई थी। शादी के कुछ समय बाद से ही ससुराल वाले दहेज में कार की मांग करने लगे और साहिला को परेशान करने लगे। उन्होंने बताया कि पति शाहिद, देवर जुबैर और सद्दाम, ससुर इसब और रिश्तेदार मकसूदन, मैमुना और संजी ने मिलकर साहिला को लगातार तंग किया। जब साहिला ने तीन बेटियों को जन्म दिया तो ससुराल वालों की यातनाएं और बढ़ गईं। हनीफ ने यह भी बताया कि उन्होंने कई बार अपनी बेटी को समझाने की कोशिश की और उसे मायके भी ले आए, लेकिन ससुराल वालों के व्यवहार में कोई सुधार नहीं हुआ।
आत्महत्या से दो दिन पहले साहिला ने अपने पिता को फोन कर बताया था कि ससुराल वालों ने उसे बुरी तरह पीटा है और जान से मारने की धमकी दी है। रविवार रात करीब साढ़े 8 बजे हनीफ को गांव से एक व्यक्ति का फोन आया जिसने पूछा कि क्या साहिला अपने मायके पहुंच गई है। इसके बाद हनीफ अपनी बेटी को ढूंढने के लिए निकले। रात भर ढूंढने के बाद भी साहिला का कोई सुराग नहीं लगा। अगली सुबह करीब 9 बजे गांव के कुछ लोगों ने एक कुएं के पास महिला की चप्पलें देखीं और परिवार को सूचित किया। ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद तीनों के शवों को कुएं से बाहर निकाला। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।

जानकारी के अनुसार, इस घटना के बाद से सभी आरोपी फरार चल रहे हैं। फिरोजपुर झिरका थाना प्रभारी सुभाष चंद ने बताया कि शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। चारों शवों का पोस्टमॉर्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया है। आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने के लिए टीमें गठित की गई हैं और उनकी तलाश जारी है। पुलिस का दावा है कि आरोपियों को जल्द ही पकड़ लिया जाएगा।

यह घटना दहेज प्रथा और बेटियों के जन्म पर समाज में व्याप्त कुरीतियों पर एक बार फिर सवाल खड़े करती है। ससुराल पक्ष की तरफ से लगातार प्रताड़ना और ताने मारना एक महिला को इस कदर हताश कर सकता है कि वह अपनी जान के साथ-साथ अपनी तीन मासूम बेटियों की जान लेने पर मजबूर हो जाए। पिता हनीफ का दर्द साफ झलक रहा है, जिन्होंने अपनी बेटी को बचाने की हर संभव कोशिश की, लेकिन वे नाकाम रहे। पुलिस मामले की जांच कर रही है और उम्मीद है कि जल्द ही आरोपियों को सजा मिलेगी। यह मामला समाज के लिए एक चेतावनी है कि हमें दहेज जैसी कुरीतियों को जड़ से खत्म करना होगा और बेटियों को भी बेटों के समान सम्मान देना होगा।