सीवर की मैनुअली सफाई पर रोक के लिए निगम ने बनाई स्पेशल यूनिट

नवभारत टाइम्स

गुड़गांव नगर निगम ने सीवर और सेप्टिक टैंक की मैनुअल सफाई पर रोक लगा दी है। इसके लिए रिस्पॉन्सिबल सैनिटेशन अथॉरिटी और इमरजेंसी रिस्पॉन्स सैनिटेशन यूनिट का गठन किया गया है। अब बिना सीवर एंट्री परमिट के सीवर में प्रवेश प्रतिबंधित होगा। मशीनों से सफाई होगी और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।

ban on manual sewer cleaning corporation forms special unit emphasizing safety and technology
गुड़गांव नगर निगम ने सीवर और सेप्टिक टैंक की मैनुअल स्कैवेंजिंग (बिना औजारों के सफाई) को पूरी तरह खत्म करने और सफाई को सुरक्षित बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। इसके तहत रिस्पॉन्सिबल सैनिटेशन अथॉरिटी (आरएसए) और इमरजेंसी रिस्पॉन्स सैनिटेशन यूनिट (ईआरएसयू) का गठन किया गया है। नगर निगम कमिश्नर प्रदीप दहिया ने इस संबंध में आदेश जारी किए हैं। इस पहल का मुख्य मकसद शहर में गंदे शौचालयों को बनने से रोकना, सीवर और सेप्टिक टैंक की सफाई में इंसानों के जोखिम को खत्म करना और मशीनों से सुरक्षित सफाई करवाना है। इससे न सिर्फ सफाई कर्मचारियों की जान बचेगी, बल्कि शहर में सीवर मैनेजमेंट का एक आधुनिक सिस्टम भी तैयार होगा।

सीवर सफाई व्यवस्था की देखरेख और प्रबंधन के लिए बनाई गई रिस्पॉन्सिबल सैनिटेशन अथॉरिटी (आरएसए) का चेयरपर्सन चीफ इंजीनियर होंगे। कार्यकारी अभियंता (मुख्यालय) इसके सदस्य सचिव होंगे। इनके अलावा, एक्सईएन, एसडीओ, जेई और सीएमओ भी इस अथॉरिटी का हिस्सा होंगे।
नगर निगम ने साफ कर दिया है कि अब सीवर या सेप्टिक टैंक में किसी भी व्यक्ति का प्रवेश बिना सीवर एंट्री परमिट के पूरी तरह से मना है। अगर कोई भी संस्था, ठेकेदार या व्यक्ति किसी भी कर्मचारी को बिना सुरक्षा उपकरणों और इजाजत के सीवर में उतारता है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

इस नई व्यवस्था से सीवर और सेप्टिक टैंक की सफाई का काम अब मशीनों की मदद से होगा। इससे सफाई कर्मचारियों को जहरीली गैसों और अन्य खतरों से बचाया जा सकेगा। यह कदम शहर को स्वच्छ बनाने और सफाई कर्मचारियों के जीवन स्तर को सुधारने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। अब सीवर की सफाई एक सुरक्षित और तकनीकी प्रक्रिया बन जाएगी, जिससे किसी भी तरह के हादसे की आशंका कम हो जाएगी। यह सुनिश्चित करेगा कि शहर में स्वच्छता बनी रहे और किसी भी नागरिक को अस्वच्छता के कारण परेशानी न हो।