2027 चुनाव से पहले सबको याद आ रहे कांशीराम! दलित हितैषी दिखने की होड़

नवभारत टाइम्स

2027 के विधानसभा चुनाव से पहले सभी प्रमुख राजनीतिक दल कांशीराम को याद कर रहे हैं। बसपा, सपा, आजाद समाज पार्टी, भाजपा और कांग्रेस दलित वोटरों को लुभाने की कोशिश में हैं। बसपा बड़े आयोजन कर रही है। सपा 'बहुजन दिवस' मनाएगी। आजाद समाज पार्टी भी स्थापना दिवस पर कार्यक्रम करेगी। यह दलित राजनीति में सक्रियता का दौर है।

before the 2027 elections a race to woo dalit voters over kanshi rams legacy

NBT रिपोर्ट, मेरठ: 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले दलित राजनीति के बड़े चेहरे कांशीराम एक बार फिर सियासत के केंद्र में आ गए हैं। उनकी जयंती 15 मार्च को लेकर लगभग सभी प्रमुख राजनीतिक दल कार्यक्रमों की तैयारी में जुटे हैं। BSP, SP, आजाद समाज पार्टी, बीजेपी और कांग्रेस सभी अपने-अपने तरीके से कांशीराम को याद कर दलित समाज तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं।

दरअसल, कांशीराम ने देश में दलित और अति पिछड़े वर्गों के बीच राजनीतिक चेतना जगाने में बड़ी भूमिका निभाई थी। बहुजन समाज पार्टी की स्थापना कर उन्होंने दलितों को संगठित किया और सत्ता तक पहुंचाने का रास्ता तैयार किया। इसी राजनीतिक विरासत को लेकर अब अलग-अलग दल अपने तरीके से दलित समाज को साधने में लगे हैं।

BSP करेगी बड़े आयोजन: BSP अपने संस्थापक कांशीराम की जयंती को बड़े स्तर पर मनाने की तैयारी कर रही है। पार्टी लखनऊ और नोएडा में बड़े कार्यक्रम आयोजित करेगी। लखनऊ में अवध, पूर्वांचल और आसपास के जिलों के कार्यकर्ताओं का कार्यक्रम होगा, जिसमें BSP सुप्रीमो मायावती के शामिल होने की संभावना है।

वहीं नोएडा में वेस्ट यूपी के छह मंडलों- मेरठ, सहारनपुर, मुरादाबाद, बरेली, आगरा और अलीगढ़ के साथ उत्तराखंड के कार्यकर्ता भी जुटेंगे। यहां प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र से कम से कम 20 बसों में कार्यकर्ताओं को लाने का लक्ष्य रखा गया है। कार्यक्रम में वेस्ट यूपी के प्रभारी और राष्ट्रीय महासचिव बाबू मुनकाद अली मुख्य अतिथि होंगे।

SP ‘बहुजन दिवस’ के जरिए साधेगी दलित वोट: समाजवादी पार्टी भी कांशीराम की जयंती को लेकर सक्रिय है। पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने हर जिले में 15 मार्च को ‘बहुजन दिवस’ मनाने का फैसला किया है। SP पीडीए (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) की रणनीति के तहत दलित समाज से जुड़ाव बढ़ाने की कोशिश कर रही है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि SP अब लोहिया के साथ अंबेडकर और कांशीराम की विचारधारा को भी साथ लेकर चलने की रणनीति पर काम कर रही है। आजाद समाज पार्टी भी 15 मार्च को पार्टी स्थापना दिवस और कांशीराम जयंती के रूप में बड़े कार्यक्रम करेगी। पार्टी ‘संवैधानिक अधिकार बचाओ, भाईचारा बनाओ’ अभियान के तहत पूरे प्रदेश में तहसील और जिला स्तर पर कार्यक्रम आयोजित करेगी।