परीक्षा से पहले लाखों की ठगी का खेल, पुलिस ने एक को हिरासत में लिया

नवभारत टाइम्स

एस.आई. भर्ती परीक्षा से पहले ठगों ने पेपर लीक का झांसा दिया। टेलिग्राम पर सक्रिय ठगों ने अभ्यर्थियों से मोटी रकम वसूलने की साजिश रची। पुलिस ने एक संदिग्ध को हिरासत में लिया है। भर्ती बोर्ड ने पेपर लीक के दावों को फर्जी बताया है। अभ्यर्थियों को ऐसे संदेशों से दूर रहने की सलाह दी गई है।

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लखनऊ: एसआई भर्ती परीक्षा 2025 के ठीक पहले, ठगों ने टेलीग्राम पर 'पेपर लीक' का झांसा देकर अभ्यर्थियों से मोटी रकम ऐंठने की कोशिश की। उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड की सोशल मीडिया सेल ने इस मामले में लखनऊ के हुसैनगंज थाने में एफआईआर दर्ज कराई है। एसटीएफ एक संदिग्ध को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। यह पूरा खेल तीन टेलीग्राम चैनलों के जरिए खेला जा रहा था, जहां परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र देने का वादा किया जा रहा था।

यह घटना 14 और 15 मार्च को होने वाली एसआई एवं समकक्ष पदों की सीधी भर्ती-2025 की लिखित परीक्षा से ठीक पहले सामने आई है। ठगों ने अभ्यर्थियों को लालच देकर पैसे वसूलने की योजना बनाई थी। उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड की सोशल मीडिया सेल ने इस गंभीर मामले को संज्ञान में लेते हुए लखनऊ के हुसैनगंज थाने में एफआईआर दर्ज करवाई है। इस मामले की जांच के लिए एसटीएफ (Special Task Force) ने एक संदिग्ध व्यक्ति को हिरासत में लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है।
जांच में पता चला कि 11 और 12 मार्च 2026 को टेलीग्राम पर तीन चैनल सक्रिय थे। इन चैनलों के नाम थे: ‘UP SI UP POLICE-2026’, ‘RESULT PANEL PVT TM’ और ‘UP SI EXAM PAPER UP SI-2026’। इन चैनलों पर परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने के संदेश वायरल किए जा रहे थे। ठगों का मकसद अभ्यर्थियों को यह विश्वास दिलाना था कि वे उन्हें परीक्षा में अनुचित लाभ दिलवा सकते हैं।

इन ठगों ने पैसे ऐंठने के लिए अलग-अलग डिजिटल भुगतान के तरीके अपनाए। ‘UP SI UP POLICE-2026’ चैनल पर एक UPI ID (Armancena687@okicici) साझा की गई थी। इस पर 20 हजार रुपये जमा कराने का दावा किया गया था। वहीं, ‘RESULT PANEL PVT TM’ चैनल ने QR कोड का इस्तेमाल किया। इस चैनल के जरिए 10 हजार रुपये एडवांस और बाकी 10 हजार रुपये परीक्षा के बाद लेने का संदेश प्रसारित किया गया। तीसरे चैनल, ‘UP SI EXAM PAPER UP SI-2026’ पर Airtel Payments Bank के खाते में पैसे जमा कराने को कहा गया। इसमें 10-10 हजार रुपये दो किस्तों में जमा करने की बात कही गई थी।

जैसे ही उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड को इस मामले की जानकारी मिली, उन्होंने तुरंत एफआईआर दर्ज करवाई और एसटीएफ से संपर्क साधा। एसटीएफ ने इस जानकारी के आधार पर एक संदिग्ध को पकड़ा है और उससे पूछताछ जारी है। इस मामले में भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 318(4), 221, 270, आईटी ऐक्ट 2008 की धारा 66D, और उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम-2024 की धारा 4, 8, 13(2), 13(4) के तहत केस दर्ज किया गया है।

फिलहाल, इस मामले में सभी आरोपी अज्ञात हैं। हालांकि, तीनों टेलीग्राम चैनलों के धारकों को अभियुक्त बनाया गया है। पुलिस अब डिजिटल फुटप्रिंट, बैंक और यूपीआई ट्रांजेक्शन, क्यूआर कोड के स्रोत, टेलीग्राम चैनल एडमिन और सर्वर लॉग की पड़ताल कर रही है। इसका मकसद इस पूरे गिरोह के मास्टरमाइंड तक पहुंचना है।

भर्ती बोर्ड ने अभ्यर्थियों को यह साफ संदेश दिया है कि पेपर लीक या प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने का कोई भी दावा पूरी तरह से फर्जी है। उन्होंने अभ्यर्थियों से ऐसे किसी भी संदेश से दूर रहने की अपील की है। यदि अभ्यर्थियों को कोई भी संदिग्ध कंटेंट मिलता है, तो वे तुरंत इसकी सूचना बोर्ड या पुलिस को दें। यह ठगों का एक नया तरीका है, जिसमें वे परीक्षा के माहौल का फायदा उठाकर अभ्यर्थियों को ठगने की कोशिश करते हैं। ऐसे में सतर्क रहना बहुत जरूरी है।